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अभिषेक बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

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तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सितंबर में 3 हफ्ते के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दे दी है। अदालत ने यह अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी है। इस फैसले के बाद अब अभिषेक बनर्जी अपने निर्धारित इलाज के लिए विदेश जा सकेंगे।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को इलाज कराने और अपनी पसंद का उपचार चुनने का अधिकार है। अदालत ने विदेश यात्रा को लेकर राज्य की ओर से उठाई गई आपत्ति को स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला एक चुनावी भाषण से जुड़ा है और केवल इस आधार पर किसी व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सा उपचार के लिए विदेश जाने से रोका नहीं जा सकता।

अदालत ने अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा के लिए कई शर्तें भी तय की हैं। उन्हें केवल अपने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट पर विदेश यात्रा करनी होगी। इसके अलावा उन्हें अपनी यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध करानी होगी। इसमें विदेश जाने और लौटने का कार्यक्रम, विदेश में रहने का पता, इलाज करने वाले डॉक्टर और अस्पताल की जानकारी, वहां कितने समय तक रुकेंगे इसकी जानकारी और फ्लाइट से संबंधित विवरण शामिल हैं। अदालत ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि अभिषेक बनर्जी की ओर से दी जाने वाली इन जानकारियों को गोपनीय रखा जाए।

यह मामला अभिषेक बनर्जी की उस याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले को दोबारा विचार के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट भेजा था, जिसके बाद 5 अगस्त को हाई कोर्ट में इस मामले पर फिर सुनवाई हुई। हालांकि वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से विदेश जाकर आंखों का उपचार कराने की जरूरत पर जोर दिया गया। उनका पक्ष था कि इलाज के लिए विदेश जाने पर लगी रोक को हटाया जाना चाहिए। दूसरी ओर, राज्य की ओर से इस यात्रा को लेकर आपत्ति जताई गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभिषेक बनर्जी को सीमित अवधि के लिए विदेश जाने की अनुमति देने का फैसला किया।

इस मामले में अदालत का ताजा आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति ऐसे समय मिली है जब उनके खिलाफ चल रहे मामलों को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है। अदालत ने हालांकि उनकी यात्रा को पूरी तरह बिना शर्त मंजूरी नहीं दी है। उन्हें जांच एजेंसियों को यात्रा से संबंधित सभी जरूरी जानकारी पहले उपलब्ध करानी होगी और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट के जरिए ही विदेश जाना होगा।

अदालत की ओर से यह भी कहा गया कि किसी व्यक्ति को अपनी बीमारी के इलाज के लिए उचित चिकित्सा सुविधा चुनने का अधिकार है। इसी आधार पर अभिषेक बनर्जी को सितंबर में 3 सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दी गई है। अब वह निर्धारित समय के दौरान विदेश जाकर अपनी आंखों का उपचार करा सकेंगे और तय शर्तों के अनुसार यात्रा तथा इलाज से संबंधित जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध करानी होगी।

अभिषेक बनर्जी के लिए यह आदेश तत्काल राहत के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में विदेश यात्रा की अनुमति को लेकर कानूनी प्रक्रिया कई स्तरों से गुजरी। पहले हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली, फिर सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर दोबारा विचार की प्रक्रिया शुरू कराई और अंततः अब सर्वोच्च अदालत ने उन्हें 3 सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इस अनुमति के साथ लगाई गई शर्तों का पालन करना उनके लिए अनिवार्य होगा।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अभिषेक बनर्जी के विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने का रास्ता साफ हो गया है। सितंबर में प्रस्तावित उनकी यात्रा के दौरान जांच एजेंसियों को यात्रा कार्यक्रम, अस्पताल, डॉक्टर, ठहरने की जगह और फ्लाइट सहित आवश्यक जानकारी दी जाएगी। अदालत ने इस जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने का भी निर्देश दिया है।

 

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