Advertisement
मध्य प्रदेश,लाइव अपडेट
Trending

अजनार नदी साफ करने वाले बिट्टू तबाही को बड़ा झटका

Advertisement
Advertisement

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में अजनार नदी की सफाई कर चर्चा में आए पर्यावरण कार्यकर्ता बिट्टू तबाही एक बार फिर सुर्खियों में हैं। महीनों तक नदी से कचरा हटाने और उसे साफ रखने की कोशिश करने वाले बिट्टू को उस समय बड़ा झटका लगा, जब नदी किनारे लोगों की सुविधा के लिए रखे गए दो डस्टबिन में से एक गायब मिला। इस घटना से उनकी निराशा और बढ़ गई है।

बिट्टू तबाही का असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी है। करीब 20 साल के सुरेंद्र पिछले कई महीनों से अजनार नदी को साफ करने की मुहिम चला रहे हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से नदी के एक हिस्से से बड़ी मात्रा में कचरा हटाया था। हालांकि, सफाई के कुछ समय बाद ही नदी के किनारे दोबारा प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा जमा होने लगा, जिसे देखकर वह काफी मायूस हुए।

नदी को दोबारा गंदा होने से बचाने के लिए बिट्टू ने सफाई अभियान के साथ-साथ कचरा फेंकने की उचित व्यवस्था करने की भी कोशिश की। इसी उद्देश्य से उन्होंने नदी किनारे एक पेड़ के पास दो डस्टबिन रखे थे, ताकि लोग कचरा सीधे पानी में फेंकने या आसपास बिखेरने के बजाय उनमें डाल सकें।

लेकिन जब बिट्टू दोबारा उस जगह पहुंचे, तो वहां केवल एक डस्टबिन मौजूद था। दूसरा डस्टबिन गायब था। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अपनी नाराजगी और दुख जाहिर करते हुए बताया कि ये डस्टबिन उनके निजी इस्तेमाल के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों की सुविधा और नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए रखे गए थे।

बिट्टू ने वीडियो के साथ लिखे संदेश में भी इस घटना पर निराशा जताई। उनके मुताबिक, जनता की सुविधा के लिए रखे गए ड्रम भी चोरी हो गए। एक तरफ जहां वह नदी को साफ रखने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कचरा दोबारा जमा होने और डस्टबिन गायब होने जैसी घटनाएं उनके प्रयासों के सामने नई चुनौती बनकर खड़ी हो गई हैं।

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने सार्वजनिक जगहों को साफ रखने की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने और नदी किनारे रखे सामान की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम करने की मांग की। कुछ यूजर्स ने बिट्टू को पुलिस की मदद लेने की सलाह भी दी।

इससे पहले भी बिट्टू नदी की सफाई के बाद वहां दोबारा कचरा जमा होने का वीडियो साझा कर चुके हैं। उन्होंने फिर से सफाई शुरू करने का फैसला किया था। उनकी मुहिम ने स्थानीय स्तर पर नदी प्रदूषण और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर चर्चा बढ़ाई है, लेकिन ताजा घटना बताती है कि केवल सफाई करना पर्याप्त नहीं है।

अजनार नदी को लंबे समय तक साफ रखने के लिए लोगों का सहयोग, कचरे के उचित निपटान और स्थानीय स्तर पर नियमित निगरानी की जरूरत है। बिट्टू तबाही की कोशिश ने नदी की समस्या की ओर लोगों का ध्यान खींचा है, लेकिन इस मुहिम की असली सफलता तभी होगी, जब लोग नदी में कचरा डालना बंद करेंगे और सार्वजनिक सुविधाओं की रक्षा भी करेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share