
कई राज्यों में बारिश का कहर, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट
देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं, जबकि कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, बाढ़ जैसे हालात और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रायसेन, विदिशा और आसपास के इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं, पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। बांधों और जलाशयों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते लगातार निगरानी रखी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में भी मानसून की सक्रियता के कारण कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो रही है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई छोटी-बड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी टूटने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन ने स्कूलों, स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
उत्तराखंड के हरिद्वार में लगातार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को नदी में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गंगा के तेज बहाव को देखते हुए कई घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है और जल पुलिस तथा आपदा राहत दल लगातार निगरानी कर रहे हैं। पर्वतीय जिलों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है, जिससे चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत के ऊपर बने सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। विभाग ने किसानों को मौसम को ध्यान में रखकर कृषि कार्य करने और लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
लगातार हो रही बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि कुछ क्षेत्रों में रेल सेवाओं पर भी असर पड़ने की सूचना है। स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया है। सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी 48 से 72 घंटों तक कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अलर्ट का पालन करें। यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है।



