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बिहार-झारखंड से मुंबई तक भारी बारिश का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी

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देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने पूरी तरह से रफ्तार पकड़ ली है और इसके प्रभाव से मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी राज्यों समेत कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार मिल रही नमी के कारण मानसूनी गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, जिससे अगले कुछ दिनों तक व्यापक वर्षा का दौर जारी रह सकता है। कई राज्यों में प्रशासन को सतर्क रहने और संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार में मानसून के सक्रिय होने के बाद कई जिलों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। साथ ही नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है, क्योंकि धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त नमी उपलब्ध हो रही है।

झारखंड में भी मानसून सक्रिय हो गया है और रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो तथा आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

पश्चिम बंगाल में भी मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। कोलकाता समेत दक्षिण और उत्तर बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और जलभराव की चेतावनी भी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो निचले इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। समुद्र में ऊंची लहरों की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी भारत के अन्य राज्यों में भी व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की रेखा सामान्य स्थिति में बनी हुई है और आने वाले दिनों में यह और मजबूत हो सकती है। इसके चलते मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी लगातार वर्षा जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून का प्रदर्शन कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है। पर्याप्त बारिश से जलाशयों का जलस्तर बढ़ेगा, भूजल भंडार मजबूत होंगे और खेती-किसानी को लाभ मिलेगा। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से नदी किनारे रहने वाले लोगों, पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों और समुद्री तटों के आसपास रहने वाले नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन साथ ही मौसम से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।

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