
भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान HAL Tejas को लेकर बड़ा निर्णय सामने आया है। गुजरात में हाल ही में हुई एक तकनीकी घटना के बाद Indian Air Force (IAF) ने एहतियातन पूरे तेजस बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। वायुसेना का कहना है कि जब तक सभी विमानों की विस्तृत तकनीकी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें ऑपरेशनल मिशन पर नहीं भेजा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब एक तेजस विमान लैंडिंग के दौरान रनवे पर नियंत्रण खो बैठा और आगे निकल गया। हालांकि पायलट पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन विमान को नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आशंका ब्रेकिंग सिस्टम या अन्य तकनीकी गड़बड़ी की बताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए वायुसेना ने पूरे बेड़े की सुरक्षा समीक्षा का फैसला लिया।
विमान निर्माता कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने भी आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि यह कोई बड़ा हादसा या क्रैश नहीं था, बल्कि ग्राउंड पर हुई तकनीकी समस्या थी। HAL ने भरोसा दिलाया है कि वह वायुसेना के साथ मिलकर हर तकनीकी पहलू की जांच कर रही है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
तेजस भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान है, जिसे देश की रक्षा आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इसे वायुसेना में चरणबद्ध तरीके से शामिल किया गया है और इसके उन्नत संस्करणों पर भी काम चल रहा है। ऐसे में इस तरह की घटना के बाद पूरे बेड़े को ग्राउंड करना एक सतर्क और जिम्मेदार कदम माना जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित जोखिम को रोका जा सके।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक लड़ाकू विमानों में छोटी तकनीकी खामी भी गंभीर हो सकती है, इसलिए जांच पूरी होने तक उड़ानें रोकना सुरक्षा मानकों के अनुरूप है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि विमानों को दोबारा कब ऑपरेशनल ड्यूटी पर लगाया जाएगा। फिलहाल वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है और तेजस कार्यक्रम की विश्वसनीयता बरकरार है।



