
भारत ने श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ 3 दिवसीय अभ्यास मुकाबले में 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। कोलंबो में खेले गए इस मैच का रोमांचक अंत भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की तूफानी बल्लेबाजी के साथ हुआ। सिराज ने आखिरी ओवर में लगातार 3 छक्के जड़कर भारत को जीत दिला दी। उनकी इस अप्रत्याशित बल्लेबाजी ने मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों के साथ-साथ क्रिकेट प्रशंसकों को भी हैरान कर दिया।
भारत के सामने जीत के लिए 207 रनों का लक्ष्य था। लक्ष्य का पीछा करते हुए यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए शानदार शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी। इसके बाद भारतीय पारी के मध्यक्रम में रन बनाने की गति कुछ धीमी हुई, जिसके कारण एक समय मुकाबला ड्रॉ की ओर जाता दिखाई दे रहा था। लेकिन आखिरी ओवरों में मैच ने अचानक रोमांचक मोड़ ले लिया।
जब भारत को अंतिम 2 ओवर में जीत के लिए 23 रन चाहिए थे, तब मोहम्मद सिराज बल्लेबाजी करने आए। आम तौर पर सिराज की पहचान एक तेज गेंदबाज के तौर पर है और उनसे इस तरह की विस्फोटक बल्लेबाजी की उम्मीद कम ही की जाती है। लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का ऐसा अंदाज दिखाया, जिसने पूरे मैच का रुख बदल दिया। 44वें ओवर में उन्होंने सोनल दिनुशा की गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए।
इसके बाद आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 16 रन की जरूरत थी। श्रीलंका क्रिकेट XI की ओर से केशरा नुवांता गेंदबाजी करने आए, लेकिन सिराज ने पहली 3 गेंदों पर लगातार 3 छक्के लगाकर मुकाबला भारत के पक्ष में कर दिया। इन छक्कों के साथ ही उन्होंने न सिर्फ लक्ष्य हासिल किया बल्कि अपनी छोटी सी पारी को यादगार बना दिया। सिराज 15 गेंदों पर 32 रन बनाकर नाबाद रहे और उनकी पारी में 4 छक्के शामिल थे। भारत ने 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया।
सिराज की इस पावर हिटिंग का अंदाज कुछ ऐसा था कि मुकाबला खत्म होने के बाद श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाड़ी मजाकिया अंदाज में उनका बल्ला देखने पहुंच गए। उन्होंने सिराज का बल्ला हाथ में लेकर उसे चेक किया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। ऐसा लग रहा था मानो श्रीलंकाई खिलाड़ी यह समझने की कोशिश कर रहे हों कि आखिर सिराज के बल्ले में ऐसा क्या था, जिससे उन्होंने लगातार गेंदों को सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया।
इस मजेदार घटना ने मैच की गंभीर प्रतिस्पर्धा के बीच खिलाड़ियों के बीच खेल भावना और आपसी हंसी-मजाक का भी उदाहरण पेश किया। सिराज के लिए यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने गेंदबाजी के साथ-साथ जरूरत के समय बल्ले से भी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले मुकाबले में उन्होंने गेंद से भी प्रभाव छोड़ा था और श्रीलंकाई बल्लेबाज रविंदु रसनथा को अपनी स्विंग गेंदबाजी से आउट किया।
भारत की इस जीत से श्रीलंका दौरे की शुरुआत भी सकारात्मक अंदाज में हुई है। अभ्यास मैच का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुरूप ढालना और आगामी टेस्ट सीरीज से पहले अपनी तैयारियों को परखना था। इस मुकाबले में बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों को भी परिस्थितियों को समझने का मौका मिला। अब भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से खेला जाना है।
मोहम्मद सिराज की 15 गेंदों पर 32 रनों की पारी भले ही आंकड़ों के लिहाज से बहुत बड़ी न हो, लेकिन मैच की परिस्थिति को देखते हुए इसका महत्व काफी ज्यादा रहा। जब भारत को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, तब सिराज ने जोखिम उठाकर आक्रामक बल्लेबाजी की और लगातार 3 छक्के लगाकर मुकाबला खत्म कर दिया। उनकी इस पारी ने एक बार फिर दिखाया कि निचले क्रम के बल्लेबाज भी मुश्किल परिस्थितियों में मैच का रुख बदल सकते हैं।



