
बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। समस्तीपुर में रेल पुलिस ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास कोच से करीब 75 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद की है। इस मामले में एक युवती समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार युवती की पहचान समस्तीपुर जिले की नेहा कुमारी के रूप में हुई है, जबकि उसके साथ पकड़े गए युवक की पहचान हरियाणा के करनाल निवासी ईशान कुमार के रूप में हुई है। दोनों नई दिल्ली से जयनगर जा रही ट्रेन में सफर कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, समस्तीपुर रेल मंडल की RPF और CIB टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में एक युवती शराब की बड़ी खेप लेकर सफर कर रही है। सूचना मिलते ही सुरक्षा टीम सक्रिय हो गई और ट्रेन के समस्तीपुर स्टेशन पहुंचने का इंतजार करने लगी। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पहुंची, टीम ने AC फर्स्ट क्लास के H-1 कोच में जांच शुरू कर दी।
तलाशी के दौरान पुलिस की नजर युवती के 2 सूटकेस पर गई। जब दोनों बैगों को खोलकर जांच की गई तो उनमें बड़ी मात्रा में ब्रांडेड शराब की बोतलें मिलीं। जांच में करीब 75 लीटर शराब बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने युवती को शराब से भरे दोनों सूटकेस के साथ ट्रेन से उतार लिया और पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवती की पहचान नेहा कुमारी के तौर पर हुई है, जो समस्तीपुर जिले के सिंघिया घाट थाना क्षेत्र के बारी गांव की रहने वाली बताई गई है। उसके साथ AC फर्स्ट क्लास में यात्रा कर रहे ईशान कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच क्या संबंध है और शराब की इस खेप को बिहार में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
इस मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि शराब की इतनी बड़ी खेप ट्रेन के AC फर्स्ट क्लास कोच में ले जाई जा रही थी। आमतौर पर यात्रियों को लगता है कि महंगे और सुरक्षित माने जाने वाले कोच में सुरक्षा जांच कड़ी होती है, लेकिन तस्करों ने इसी रास्ते से शराब पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि, गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई ने उनकी योजना को नाकाम कर दिया।
गिरफ्तारी के बाद युवती की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। सोशल मीडिया पर उसकी शक्ल-सूरत और पहनावे को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां भी की जा रही हैं। लेकिन पूरे मामले में असली मुद्दा शराब की बरामदगी और कथित तस्करी है। पुलिस इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 75 लीटर शराब दिल्ली से बिहार तक क्यों लाई जा रही थी और इसे किसे सौंपा जाना था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या नेहा और ईशान पहली बार शराब की खेप लेकर जा रहे थे या इससे पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि शराब की सप्लाई करने वाला नेटवर्क कितना बड़ा है।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद दूसरे राज्यों से शराब लाकर यहां बेचने का नेटवर्क लगातार पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। तस्कर कई बार कार, बस, ट्रक और अब ट्रेनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाते हैं। इस मामले में भी पुलिस को आशंका है कि बरामद शराब किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। RPF और GRP की टीम आगे की जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कहां से खरीदी गई, किसके निर्देश पर लाई गई और बिहार पहुंचने के बाद इसे किसे दिया जाना था। अगर पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े दूसरे नाम सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
इस पूरी कार्रवाई से एक बात साफ है कि शराब तस्कर कानून से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन पुलिस की सूचना तंत्र और जांच के कारण उनकी योजनाएं लगातार पकड़ी जा रही हैं। समस्तीपुर की यह कार्रवाई अब इस बात की जांच का आधार बनेगी कि 75 लीटर शराब की इस खेप के पीछे सिर्फ 2 लोग थे या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क काम कर रहा था।



