
जम्मू-कश्मीर में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों से सरकार चिंतित
मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच देशभर में ईंधन को लेकर फैल रही अफवाहों का असर अब जम्मू-कश्मीर में भी साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कथित कमी की खबरों के चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि अफवाहों के कारण ऐसी भीड़ जारी रही, तो सरकार को पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लेना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोगों को सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल ही में समीक्षा बैठक में यह पुष्टि हुई है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। इसके बावजूद लोग अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों के बाहर “कैम्पिंग” कर रहे हैं, जो स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
उमर अब्दुल्ला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग सरकार की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा नहीं कर रहे, लेकिन अफवाहों को तेजी से मान लेते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें और अनावश्यक रूप से लंबी कतारों में न लगें। उनका कहना है कि इस तरह की घबराहट से सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ता है और वास्तविक संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।
प्रशासन के अनुसार, फिलहाल जम्मू-कश्मीर में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है और केंद्र सरकार भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने कहा है कि देशभर में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी भी राज्य में कमी की स्थिति नहीं है। इसके बावजूद अफवाहों के कारण कुछ इलाकों में कृत्रिम संकट जैसा माहौल बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि यदि हालात काबू में नहीं आए, तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, जिसमें कुछ समय के लिए पेट्रोल पंप बंद करना भी शामिल हो सकता है। उनका मानना है कि यह कदम केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया जाएगा, न कि किसी वास्तविक कमी के कारण।
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात भी एक बड़ी वजह माने जा रहे हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर लोगों में आशंका बनी हुई है। हालांकि सरकार बार-बार यह स्पष्ट कर रही है कि भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है।
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में पेट्रोल पंपों पर लग रही भीड़ इस बात का संकेत है कि अफवाहें किस तरह आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। सरकार ने लोगों से संयम बरतने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है, ताकि अनावश्यक घबराहट से बचा जा सके और व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।



