
भांजे की शादी में शामिल होने सिंगापुर से आए टेक महिंद्रा के पूर्व एशिया हेड की हत्या, पार्किंग विवाद में पड़ोसी ने चलाईं 15 गोलियां
हरियाणा के फरीदाबाद में पार्किंग को लेकर हुआ एक मामूली विवाद जानलेवा बन गया। सेक्टर-21C में टेक महिंद्रा के एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के पूर्व प्रमुख परमजीत धनखड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात पड़ोसी मोनू शर्मा ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से करीब 15 राउंड फायरिंग की। इनमें से नौ गोलियां परमजीत को लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी अपने परिवार के साथ फरार हो गया।
परमजीत धनखड़ सिंगापुर में रहते थे और काम के सिलसिले में भारत आते-जाते रहते थे। वह 5 नवंबर को अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए फरीदाबाद लौटे थे। परिवार के मुताबिक, शादी 24 नवंबर को होनी है। परमजीत अपने परिवार के साथ सेक्टर-21C की एक बहुमंजिला इमारत में रहते थे। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच पिछले कई दिनों से पार्किंग और पालतू कुत्ते को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि पड़ोसी के बेटे द्वारा पार्किंग क्षेत्र में कुत्ते को शौच कराने पर परमजीत के परिवार ने आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। करीब चार-पांच दिन पहले भी विवाद हुआ था, लेकिन उस समय मामला शांत हो गया था।
शुक्रवार रात करीब आठ बजे परमजीत जिम से लौटे थे। पुलिस के अनुसार, जब वह पार्किंग में पहुंचे तो उनकी निर्धारित जगह पर मोनू शर्मा की गाड़ी खड़ी थी। परमजीत ने गाड़ी हटाने को कहा, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मोनू अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर आया और परमजीत पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। परमजीत के बेटे शौर्य ने भी पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहां से कई खाली कारतूस बरामद किए गए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है।
परमजीत के बेटे की शिकायत पर सूरजकुंड थाने में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी मोनू उर्फ मोहन शर्मा के अलावा उसके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम भी शिकायत के आधार पर केस में शामिल किए हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी वारदात के बाद से फरार है और उसकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं।
इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी सोसायटियों और बहुमंजिला इमारतों में पार्किंग तथा पालतू जानवरों को लेकर होने वाले विवादों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता था, वह कथित तौर पर हिंसक टकराव में बदल गया और एक व्यक्ति की जान चली गई। फिलहाल पुलिस पुराने विवादों, फायरिंग की परिस्थितियों और आरोपी के फरार होने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।



