
प्रियांक खड़गे ने कुमारस्वामी को कहा ‘विलेज इडियट’, केंद्रीय मंत्री ने पलटवार कर कहा- गांव का होने पर गर्व है
कर्नाटक की राजनीति में कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘विलेज इडियट’ कह दिया। यह विवाद पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले की जांच को लेकर शुरू हुआ था। कुमारस्वामी ने राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, जिसके जवाब में प्रियांक खड़गे ने उनकी समझ और आरोपों पर निशाना साधा।
प्रियांक खड़गे ने कहा कि कुमारस्वामी गृह मंत्री के तौर पर उनकी योग्यता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उन्हें खुद जांच की बुनियादी प्रक्रिया समझनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई व्यक्ति निजी तौर पर ईमेल भेजता है, तो पुलिस या बाल अधिकार संरक्षण आयोग को इसकी जानकारी अपने आप कैसे हो सकती है? खड़गे के मुताबिक, जब तक संबंधित आयोग पुलिस को औपचारिक रूप से सूचना नहीं देता या शिकायत दर्ज नहीं कराता, तब तक पुलिस के लिए उस ईमेल के आधार पर कार्रवाई करना संभव नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने कुमारस्वामी के लिए विवादित टिप्पणी की।
दरअसल, कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले की जांच को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और प्रियांक खड़गे के दबाव में प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि कथित पीड़िता की ओर से कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भेजा गया ईमेल कहां गायब हो गया। इसी आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि निजी ईमेल भेजे जाने भर से पुलिस को उसकी जानकारी नहीं हो जाती।
खड़गे ने यह भी सवाल उठाया कि यदि कुमारस्वामी को इस कथित ईमेल के बारे में पहले से जानकारी थी, तो उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान कार्रवाई क्यों नहीं की। उनके अनुसार, ईमेल वर्ष 2015 का बताया जा रहा है और उस अवधि में कुमारस्वामी करीब डेढ़ साल तक मुख्यमंत्री रहे थे। खड़गे ने पूछा कि उस समय इस मामले में कदम क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने कुमारस्वामी से जांच पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने के बजाय अपने सहयोगियों को जांच एजेंसी के सामने बयान दर्ज कराने के लिए कहने की बात भी कही।
प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने मामले में जरूरी बयान दर्ज किए हैं और संबंधित सामग्री जुटाई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। फिलहाल जांच से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं, क्योंकि मामला प्रक्रिया में है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इसका फैसला संबंधित एजेंसी करेगी और इसे राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर तय नहीं किया जा सकता।
इस टिप्पणी पर एचडी कुमारस्वामी ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गांव का व्यक्ति होने पर गर्व है और भारत की आत्मा गांवों में बसती है। महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनका जन्म गांव में हुआ, वहीं वे पले-बढ़े और उन्हें अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि पर गर्व है। कुमारस्वामी ने कहा कि विवादित शब्द केवल उनके व्यक्तिगत अपमान का मामला नहीं है, बल्कि इससे किसानों और गांवों में रहने वाले लोगों के सम्मान का सवाल भी जुड़ता है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि प्रियांक खड़गे की टिप्पणी से ऐसा संदेश जाता है मानो गांवों में रहने वाले और खेती करने वाले लोग कम समझदार हों। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। इस बीच जनता दल (सेक्युलर) ने ‘हां, मैं विलेज इडियट हूं, इसमें बड़ी बात क्या है’ जैसे नारे के साथ पलटवार अभियान शुरू किया है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस टिप्पणी को ग्रामीण समुदाय के सम्मान से जोड़कर उठाया है।
सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब व्यक्तिगत आरोपों और ग्रामीण पहचान के मुद्दे तक पहुंच गया है। एक ओर राज्य सरकार का कहना है कि जांच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार चल रही है, वहीं विपक्ष जांच के तरीके और कथित ईमेल को लेकर सवाल उठा रहा है। फिलहाल मामले की जांच पूरी होने और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद ही आरोपों तथा जांच से जुड़े तथ्यों की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।



