
UP IAS PCS Transfer: यूपी में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
उत्तर प्रदेश में रविवार देर रात नौकरशाही के स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया। प्रदेश सरकार ने एक साथ 14 IAS और 34 PCS अधिकारियों का ट्रांसफर करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। तबादला सूची में कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इस फेरबदल का असर जिलों के विकास प्रशासन से लेकर मंडलीय और विभागीय स्तर की जिम्मेदारियों पर भी पड़ा है।
ताजा बदलाव में खास तौर पर कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बदले गए हैं। सहारनपुर के CDO सुमित राजेश महाजन को अब उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया गया है। वहीं राज्य कर विभाग में अपर आयुक्त के पद पर तैनात डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सहारनपुर का नया CDO नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल में काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ी अहम जिम्मेदारी भी बदली गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO को उनके पद से हटाया गया है, जिसके बाद इस पद की जिम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किया गया। इसके अलावा अलग-अलग मंडलों में अपर आयुक्त और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
IAS अधिकारियों की नई तैनातियों में सहारनपुर, लखीमपुर खीरी, अंबेडकर नगर और अलीगढ़ समेत कई क्षेत्रों से जुड़े पदों में बदलाव किया गया है। सरकार की ओर से किए गए इस फेरबदल के जरिए अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों को पुनर्गठित किया गया है।
इसके साथ ही 34 PCS अधिकारियों का भी तबादला किया गया है। इन अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। PCS स्तर पर हुए बदलावों का असर स्थानीय प्रशासन और विभिन्न विभागों के कामकाज पर पड़ने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रशासनिक स्तर पर तबादलों का दौर देखने को मिल रहा है। इससे पहले भी कई IAS और PCS अधिकारियों को नई तैनाती दी गई थी। ऐसे में रविवार देर रात जारी हुई यह नई सूची राज्य की नौकरशाही में हालिया बड़े फेरबदलों में से एक मानी जा रही है।
सरकार की ओर से अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां ऐसे समय में दी गई हैं, जब प्रदेश में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज की निगरानी लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। नई तैनाती के बाद संबंधित अधिकारियों के सामने अपने-अपने विभाग और जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने की जिम्मेदारी होगी।



