Advertisement
लाइव अपडेटविश्व

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत, कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा; ट्रंप के सामने बढ़ी चुनौती

Advertisement
Advertisement

अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों—सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स—में बहुमत हासिल कर लिया है। इस जीत के साथ ट्रंप के सामने अपने कार्यकाल के अगले दो वर्षों में विपक्ष के मजबूत नियंत्रण वाली कांग्रेस के साथ काम करने की चुनौती खड़ी हो गई है। चुनाव नतीजों को ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर मतदाताओं की प्रतिक्रिया के तौर पर भी देखा जा रहा है।

सीनेट में डेमोक्रेट्स ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, पार्टी को कम से कम 54 सीटें मिली हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के खाते में 44 सीटें आई हैं। अलास्का और मिसिसिपी की दो सीटों पर नतीजे अभी घोषित नहीं हुए थे, इसलिए सीनेट में डेमोक्रेट्स की बढ़त और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। दूसरी ओर, प्रतिनिधि सभा में भी डेमोक्रेट्स ने बड़ी संख्या में सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीन ली हैं।

प्रतिनिधि सभा में 6 नवंबर तक डेमोक्रेट्स 253 सीटों पर आगे या जीत दर्ज कर चुके थे, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 157 सीटों पर थी। 25 सीटों पर फैसला आना बाकी था। इससे पहले ही डेमोक्रेट्स बहुमत के लिए जरूरी 218 सीटों का आंकड़ा पार कर चुके थे। चुनावी नतीजों ने कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदल दिया है और अब दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी विपक्ष की भूमिका में होगी।

इस चुनाव में मतदाताओं की नाराजगी के पीछे कई मुद्दे अहम माने जा रहे हैं। इनमें महंगाई, रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतें, आव्रजन नीति और ईरान के साथ युद्ध को लेकर चिंता शामिल है। चुनाव के दौरान कई मतदाताओं ने आर्थिक दबाव और प्रशासन की नीतियों पर असंतोष जताया। सर्वेक्षणों के अनुसार, बड़ी संख्या में मतदाता चाहते थे कि कांग्रेस राष्ट्रपति की शक्तियों पर निगरानी और संतुलन बनाए रखने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाए।

डेमोक्रेट्स को उन राज्यों में भी सफलता मिली, जिन्हें लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता था। टेक्सास में पार्टी ने सीनेट की सीट जीतकर लंबे समय से चले आ रहे चुनावी समीकरण को बदला। कंसास में भी करीब एक सदी बाद डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार सीनेट पहुंचने में सफल रहा। दक्षिण कैरोलिना जैसे राज्य में भी डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को चुनौती देते हुए जीत दर्ज की।

नए सांसदों के जनवरी 2027 में कार्यभार संभालने के बाद कांग्रेस में ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर जांच और सवाल-जवाब बढ़ सकते हैं। डेमोक्रेट्स प्रशासन के फैसलों, सरकारी एजेंसियों और प्रमुख नीतियों की जांच के लिए संसदीय अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। सीनेट में बहुमत मिलने से राष्ट्रपति की ओर से नामित अधिकारियों और न्यायिक पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी देने की प्रक्रिया में भी डेमोक्रेट्स की भूमिका अहम हो जाएगी।

चुनावी नतीजों के बाद रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी हार के कारणों पर चर्चा शुरू हो गई है। टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने नतीजों को अपनी पार्टी के लिए बेहद गंभीर झटका बताया। वहीं, ट्रंप ने चुनाव के बाद सार्वजनिक रूप से अपनी गतिविधियां जारी रखीं। हालांकि, कांग्रेस में बहुमत गंवाने के बाद उनके प्रशासन को कानून बनाने और बड़े फैसलों को आगे बढ़ाने में विपक्ष का सामना करना पड़ सकता है।

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की यह जीत ट्रंप के शेष कार्यकाल की राजनीति को प्रभावित कर सकती है। राष्ट्रपति पद पर ट्रंप बने रहेंगे, लेकिन कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक बहुमत के कारण सरकार और संसद के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों दल प्रमुख मुद्दों पर सहमति बना पाते हैं या अमेरिकी राजनीति में गतिरोध और बढ़ता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share