
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल स्थित डोबरा-चांटी झील इलाके में एक बड़ा हादसा टल गया, जहां तेज आंधी-तूफान के बीच करीब 30 पर्यटक झील में फंस गए थे। हालात गंभीर हो गए थे, लेकिन समय रहते State Disaster Response Force (SDRF) की टीम ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है जब अचानक आए तेज तूफान और तेज हवाओं ने झील में बने फ्लोटिंग हट्स (तैरते हुए घरों) को नुकसान पहुंचा दिया। इन हट्स के एक्सल जॉइंट टूट गए, जिससे वे असंतुलित होकर पानी में बहने लगे और उनमें मौजूद पर्यटक फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम कोटी कॉलोनी से मौके पर पहुंची और करीब 7:45 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ऊंची लहरों और तेज हवाओं के बीच टीम ने सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालकर किनारे पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
यह घटना हाल ही में मध्य प्रदेश के बरगी डैम में हुए नाव हादसे जैसी स्थिति पैदा कर सकती थी, जिसमें कई लोगों की जान गई थी। हालांकि टिहरी में SDRF की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। टिहरी की कार्यवाहक जिलाधिकारी ने फ्लोटिंग हट्स के संचालन पर रोक लगा दी है और पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जो सुरक्षा मानकों और तकनीकी खामियों की जांच करेगी।
इधर मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।



