
बारामती विमान हादसे की जांच रिपोर्ट में ‘कम दृश्यता और सुरक्षा खामियाँ’ सामने
एक महीने बाद बारामती विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने कई अहम बातें सामने रखीं हैं, जिनके अनुसार कम दृश्यता (Low Visibility) और एयरफील्ड पर सुरक्षा खामियाँ हादसे के मुख्य कारण हो सकते हैं। इस दुर्घटना में पूर्व महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार समेत विमान में सवार सभी लोग मारे गए थे।
बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
• AAIB की रिपोर्ट कहती है कि लैंडिंग के समय विजिबिलिटी लगभग 3 किलोमीटर थी, जबकि विज़ुअल फ्लाइट नियमों (VFR) के मुताबिक लैंडिंग के लिए न्यूनतम दृश्यता 5 किलोमीटर होनी चाहिए थी।
• बारामती एयरफील्ड एक अनियंत्रित एयरस्ट्रिप है जहाँ मौसम और नेविगेशन सुविधाएँ सीमित हैं, और यहाँ कोई नियमित मौसम विभाग की सुविधा नहीं है। विजिबिलिटी का आंकड़ा पायलट को एक ग्राउंड इंस्ट्रक्टर द्वारा अनुमान लगाकर बताया गया था।
• रिपोर्ट में रनवे, एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) और सुरक्षा उपकरणों में संभावित खामियों पर भी सवाल उठाए गए हैं, और सुझाव दिया गया है कि ऐसे एयरफील्ड पर उड़ानों की अनुमति केवल जब मौसम मानकों के अनुरूप हो दी जानी चाहिए।
• जांच अब भी जारी है — फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच जारी है और आगे की विश्लेषण प्रक्रिया में तकनीकी तथ्यों का विशद अध्ययन शामिल है।
AAIB की यह रिपोर्ट भारत में निजी, चार्टर्ड और वीआईपी उड़ानों की सुरक्षा और नियमों के पालन पर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े मानकों की जरूरत पर बल देती है।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट यह संकेत देती है कि सिर्फ खराब मौसम ही नहीं बल्कि एयरफील्ड की संरचना, प्रशासनिक प्रक्रियाएँ और नियंत्रण मानकों की कमी भी इस हादसे की गहरी वजहों में शामिल हैं।



