
BRICS Viral Video Fact Check: क्या ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने छुए हिंदू संत के पैर?
नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में पेजेश्कियन एक हिंदू धर्मगुरु के सामने झुकते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि ईरानी राष्ट्रपति ने हिंदू संत के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। वीडियो को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के सम्मान से जोड़कर भी खूब शेयर किया गया।
हालांकि, वायरल दावे की पड़ताल करने पर तस्वीर उतनी सीधी नहीं दिखती। ईरानी दूतावास से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, पेजेश्कियन ने हिंदू धर्मगुरु के पैर नहीं छुए थे। बताया गया कि वह नीचे गिरी हुई कोई चीज या नोट उठाने के लिए झुके थे। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि वायरल तस्वीर को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और एक तस्वीर के साथ छेड़छाड़ किए जाने का दावा भी किया गया है।
वायरल वीडियो में पेजेश्कियन को जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज के साथ बातचीत करते और उनका हाथ पकड़े हुए देखा जा सकता है। इसी दौरान वह नीचे की ओर झुकते हैं, जिसके आधार पर सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे चरण स्पर्श का दृश्य बताया। लेकिन उपलब्ध वीडियो और ईरानी पक्ष से सामने आई सफाई के मुताबिक, इसे निश्चित तौर पर पैर छूने की घटना बताना सही नहीं होगा।
दरअसल, पेजेश्कियन BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने भारतीय नेताओं के अलावा विभिन्न धर्मगुरुओं, बुद्धिजीवियों और कारोबारियों से भी संवाद किया। हिंदू आध्यात्मिक नेता के साथ उनकी मुलाकात भी इसी दौरान हुई थी। कार्यक्रम में सनातन परंपरा, मानवता और धर्म की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
इस मुलाकात को लेकर सामने आए वीडियो ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा क्योंकि BRICS सम्मेलन में भारत की मेजबानी के दौरान कई सांस्कृतिक और कूटनीतिक क्षण चर्चा में रहे। पेजेश्कियन ने सम्मेलन में वैश्विक राजनीति और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। BRICS के दौरान ईरान और UAE के बीच उच्चस्तरीय बातचीत भी हुई, जिसे क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में अहम घटनाक्रम माना गया।
ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पेजेश्कियन द्वारा हिंदू संत के पैर छूने का दावा पुष्ट रूप से सही नहीं माना जा सकता। उपलब्ध स्पष्टीकरण के अनुसार उनके झुकने की वजह कुछ और थी और वीडियो को एक खास दावे के साथ पेश किया गया। इसलिए इसे भारतीय संस्कृति के सम्मान के प्रतीक के तौर पर शेयर करने से पहले तथ्य और संदर्भ दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है।
BRICS Summit 2026 में पेजेश्कियन की मौजूदगी भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रही। नई दिल्ली में हुए सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई देशों के नेताओं ने वैश्विक शांति, व्यापार, ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। ऐसे में वायरल वीडियो ने एक कूटनीतिक कार्यक्रम के सांस्कृतिक पहलू को सोशल मीडिया पर अलग ही चर्चा का विषय बना दिया।
वायरल वीडियो में पेजेश्कियन को झुकते हुए जरूर देखा जा सकता है, लेकिन इसे हिंदू संत के पैर छूने की घटना बताना भ्रामक है। ईरानी पक्ष से सामने आई जानकारी के अनुसार वह पैर छूने के लिए नहीं, बल्कि नीचे गिरी चीज उठाने के लिए झुके थे। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहा दावा पूरी तरह सही नहीं है।



