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अमेरिका में Cognizant पर बड़ा एक्शन

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अमेरिका में काम कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार और इमिग्रेशन से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। अमेरिकी श्रम विभाग ने आईटी कंपनी Cognizant की नई PERM लेबर सर्टिफिकेशन फाइलिंग्स को निलंबित कर दिया है। PERM प्रक्रिया अमेरिका में किसी विदेशी कर्मचारी के लिए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण होती है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी प्रशासन H-1B और रोजगार आधारित इमिग्रेशन कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग की जांच और निगरानी बढ़ा रहा है।

PERM यानी Program Electronic Review Management के तहत अमेरिकी नियोक्ता किसी विदेशी कर्मचारी को स्थायी रूप से नियुक्त करने से पहले लेबर सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन करता है। इस प्रक्रिया में कंपनी को यह साबित करना होता है कि संबंधित पद के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है और विदेशी कर्मचारी को स्थायी रूप से नियुक्त करने से अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार, वेतन या कामकाजी परिस्थितियों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। PERM मंजूर होने के बाद ही ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का अगला चरण आगे बढ़ सकता है।

Cognizant की PERM फाइलिंग पर रोक का सीधा मतलब यह नहीं है कि कंपनी के सभी भारतीय कर्मचारियों के वीजा या ग्रीन कार्ड रद्द हो गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि जांच में किन विशेष मामलों को लेकर सवाल उठे हैं, कितने आवेदन प्रभावित होंगे या यह निलंबन कितने समय तक जारी रहेगा। इसलिए Cognizant के हर कर्मचारी को प्रभावित मानना सही नहीं होगा।

इस मामले का असर भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए भारतीय नागरिकों को पहले से लंबे इंतजार का सामना करना पड़ता है। सितंबर 2026 के वीजा बुलेटिन में भारत के लिए EB-2 कैटेगरी में फाइनल एक्शन के लिहाज से उपलब्धता नहीं थी, जबकि EB-3 के लिए फाइनल एक्शन डेट 1 जनवरी 2014 थी। देश-विशेष सीमा और बड़ी मांग के कारण भारतीय कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड की कतार लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रही है।

PERM में देरी का असर कुछ ऐसे H-1B कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जो अपने सामान्य छह साल के H-1B कार्यकाल की सीमा के करीब पहुंच रहे हैं। अमेरिकी नियमों के तहत कुछ परिस्थितियों में समय पर शुरू की गई लेबर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के आधार पर H-1B की अवधि आगे बढ़ाने का रास्ता उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, जिन कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड याचिका पहले ही स्वीकृत हो चुकी है और जो केवल उपलब्ध इमिग्रेंट वीजा नंबर का इंतजार कर रहे हैं, उनकी स्थिति अलग हो सकती है।

Cognizant का आकार भी इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण बनाता है। जून 2026 तक कंपनी के दुनिया भर में करीब 3.56 लाख कर्मचारी थे और 2025 में उसका राजस्व लगभग 21.1 अरब डॉलर रहा। 2025 के अंत तक कंपनी के 2.5 लाख से ज्यादा कर्मचारी भारत में थे। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि कंपनी के सभी भारतीय कर्मचारी अमेरिकी इमिग्रेशन कार्रवाई से प्रभावित हैं, लेकिन कंपनी के बड़े भारतीय कर्मचारी आधार को देखते हुए किसी लंबी अवधि की PERM रोक का असर बड़ी संख्या में संभावित ग्रीन कार्ड आवेदकों पर पड़ सकता है।

अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए यह घटनाक्रम व्यापक इमिग्रेशन नीति में हो रहे बदलावों के बीच आया है। भारतीय नागरिक अमेरिका के H-1B कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी समूहों में शामिल हैं। वित्त वर्ष 2024 के अमेरिकी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, स्वीकृत H-1B लाभार्थियों में भारत में जन्मे लोगों की हिस्सेदारी करीब 71 प्रतिशत थी। ऐसे में H-1B, PERM और ग्रीन कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव का भारतीय टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स पर खास असर पड़ सकता है।

फिलहाल Cognizant के अलावा दूसरी बड़ी भारतीय आईटी कंपनियों जैसे TCS और Infosys के खिलाफ इसी तरह की PERM रोक की कोई समान सार्वजनिक कार्रवाई सामने नहीं आई है। हालांकि, अमेरिकी श्रम विभाग रोजगार आधारित इमिग्रेशन कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी, गलत फाइलिंग और नियमों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की जांच कर रहा है। अधिकारियों की जांच पूरी होने और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चलेगा कि Cognizant पर लगी रोक कितने समय तक रहती है और इसका वास्तविक दायरा कितना है।

भारतीय कर्मचारियों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि PERM पर रोक को सीधे नौकरी जाने या मौजूदा H-1B वीजा खत्म होने के बराबर नहीं माना जा सकता। इसका मुख्य असर नई रोजगार आधारित स्थायी निवास प्रक्रियाओं और उनसे जुड़ी समयसीमा पर पड़ सकता है। जिन कर्मचारियों की इमिग्रेशन प्रक्रिया Cognizant के जरिए चल रही है, उनके लिए अपनी व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार कंपनी के इमिग्रेशन विभाग या योग्य अमेरिकी इमिग्रेशन वकील से जानकारी लेना महत्वपूर्ण होगा।

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