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मॉनसून की विदाई से पहले फिर बदला मौसम

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देश के कई हिस्सों में मॉनसून की विदाई से पहले मौसम एक बार फिर बदल गया है। 29 सितंबर को उत्तर और पूर्व भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बारिश का असर बना हुआ है। वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत में मंगलवार से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के लिए 29 सितंबर को भारी बारिश की कोई अलग चेतावनी जारी नहीं की गई है। यह बदलाव पिछले कई दिनों से जारी बारिश के बाद आया है, जिसके कारण राज्य के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी।

उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश का असर अब भी कई क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और कुछ स्थानों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हालांकि मंगलवार को बारिश की तीव्रता में कमी आने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ सकता है।

दिल्ली-NCR की बात करें तो यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिला है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद राजधानी में तापमान में गिरावट आई है और सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 सितंबर को दिल्ली में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि कुछ जगहों पर बादल छाए रह सकते हैं। अगले कुछ दिनों में भी तापमान अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी मौसम में बदलाव जारी है। हाल के दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी दर्ज की गई है। हालांकि 29 सितंबर को उत्तराखंड के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं है और कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का असर बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के कारण पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। इसके अलावा झारखंड में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

बिहार में भी बारिश का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मंगलवार को राज्य के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में इस समय मौसम की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में 29 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश का दौर शुरू होने तथा 1 अक्टूबर तक इसके बने रहने का अनुमान है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड और त्रिपुरा में 29 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी बादल और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े क्षेत्रों में बने सिस्टम पर नजर बनाए हुए है।

मॉनसून की वापसी को लेकर मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ बारिश कम होना ही मॉनसून की विदाई का संकेत नहीं होता, बल्कि हवाओं की दिशा में बदलाव भी जरूरी होता है। मौजूदा मौसम प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर सामान्य समय से आगे खिंच रहा है। ऐसे में अक्टूबर की शुरुआत में भी कुछ राज्यों में बारिश देखने को मिल सकती है, हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी तीव्रता अलग रहेगी।

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