
रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और कारोबारी गौतम सिंघानिया ने इटली की लग्जरी कार निर्माता कंपनी मासेराती पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कंपनी की खराब आफ्टर-सेल्स सर्विस और ग्राहकों की शिकायतों का समाधान नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए भारतीय खरीदारों को इस ब्रांड की कार खरीदने से पहले सोचने की सलाह दी है। सिंघानिया का कहना है कि लग्जरी कार के लिए बड़ी रकम चुकाने के बाद भी उन्हें संतोषजनक अनुभव नहीं मिला।
सिंघानिया ने 31 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि लग्जरी के पैसे दिए, लेकिन बदले में खराब कार जैसा अनुभव मिला। उनका आरोप है कि कंपनी के पास मौजूदा ग्राहकों की गंभीर समस्याओं का समाधान नहीं है। ऐसे में वह भारतीय ग्राहकों से दोबारा भरोसा करने की उम्मीद कैसे कर सकती है।
उन्होंने मासेराती की सर्विस व्यवस्था पर भी निशाना साधा। सिंघानिया के मुताबिक, उनकी शिकायत लंबे समय से लंबित है और कंपनी के नए डीलर भी समस्या का समाधान नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि सुपरकार खरीदने का मकसद ड्राइविंग का शानदार अनुभव लेना होता है, न कि समाधान के लिए सर्विस मैनेजरों के चक्कर लगाना।
सिंघानिया ने कंपनी की भारत में दोबारा कारोबार बढ़ाने की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पुराने ग्राहकों की समस्याएं सुलझाए बिना नए मॉडल लॉन्च करना और नए शोरूम खोलना सही तरीका नहीं है। उन्होंने इसे उन ग्राहकों के साथ अन्याय बताया, जिन्होंने ब्रांड पर भरोसा करके महंगी कारें खरीदी हैं।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब मासेराती भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने हाल ही में भारतीय बाजार में नए और अपडेटेड मॉडल पेश किए हैं। इनमें Grecale, GranTurismo और GranCabrio के अपडेटेड संस्करणों के साथ GT2 Stradale और MCPura भी शामिल हैं। कंपनी ने मुंबई में Navnit Motors के साथ मिलकर नया फ्लैगशिप शोरूम भी खोला है।
मासेराती की नई GT2 Stradale को भारत में 5.72 करोड़ रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर पेश किया गया है। मुंबई का नया शोरूम दिल्ली और बेंगलुरु के बाद भारत में कंपनी का तीसरा फ्लैगशिप आउटलेट है। कंपनी नए मॉडल और डीलरशिप नेटवर्क के जरिए देश के लग्जरी कार बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
सिंघानिया की नाराजगी का संबंध Maserati MC20 को लेकर पहले सामने आई शिकायतों से भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने पहले इस कार की परफॉर्मेंस, सस्पेंशन और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। हालिया पोस्ट में हालांकि उन्होंने अपनी लंबित शिकायत की पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मौजूदा नाराजगी में कौन-कौन सी विशिष्ट समस्याएं शामिल हैं।
गौतम सिंघानिया के आरोपों पर फिलहाल मासेराती की ओर से कोई ताजा आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कंपनी ने अपनी तरफ से इन शिकायतों का सार्वजनिक रूप से जवाब नहीं दिया है। ऐसे में यह मामला अभी कारोबारी के आरोपों और कंपनी की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार करने तक सीमित है।
इस विवाद ने एक बार फिर लग्जरी कार बाजार में आफ्टर-सेल्स सर्विस और ग्राहक सहायता की अहमियत को सामने ला दिया है। महंगी कार खरीदने वाले ग्राहक केवल डिजाइन, इंजन और फीचर्स ही नहीं, बल्कि बिक्री के बाद बेहतर सर्विस और भरोसेमंद सपोर्ट की भी उम्मीद करते हैं। अब देखना होगा कि मासेराती इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या कंपनी मौजूदा ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए कोई कदम उठाती है।


