
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली आज
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जा रही है। कांग्रेस के नेतृत्व में हो रही इस रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोप हैं। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव समेत कई बड़े विपक्षी नेताओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
रैली से पहले दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया है। वामपंथी संगठनों और छात्र समूहों के सदस्य भी रामलीला मैदान की ओर बढ़ रहे हैं। विपक्ष ने इस कार्यक्रम को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान से जोड़ते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का आंदोलन बताया है।
राहुल गांधी ने लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल हों। उन्होंने छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों से भी भागीदारी का आग्रह किया है। राहुल का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। विपक्ष इन आरोपों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इस रैली से एक दिन पहले INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों को उठाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष के पास ऐसे सबूत हैं, जिनके आधार पर ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। हालांकि, यह कार्यक्रम संवैधानिक महाभियोग की औपचारिक प्रक्रिया नहीं था।
रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है और हर जोन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे। मार्च के प्रस्तावित रास्ते और कार्यक्रम स्थल पर 4,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। निगरानी के लिए 200 से अधिक CCTV कैमरे, ड्रोन और बॉडी-वर्न कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राहुल गांधी की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, ‘चलो दिल्ली’ मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होकर अजमेरी गेट के रास्ते रामलीला मैदान पहुंचेगा। वहीं, मैदान में मुख्य रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रामलीला मैदान में रैली की अनुमति दी गई है, लेकिन प्रस्तावित जुलूस के लिए अलग से आवेदन नहीं मिला था।
रैली के कारण दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। आईटीओ, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास यातायात में बदलाव किए गए हैं। बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, मिंटो रोड और देशबंधु गुप्ता रोड के आसपास वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। अस्पतालों की ओर जाने वाली एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था रखी गई है।
इस बीच, भाजपा ने विपक्ष के आंदोलन पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए INDIA गठबंधन के ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजाक बताया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने के समय पर भी सवाल उठाए हैं और इसे 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी से जोड़कर आपत्ति जताई है।
रैली में करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया गया है, जबकि कुछ विपक्षी नेताओं ने इससे कहीं बड़ी भीड़ जुटने की उम्मीद जाहिर की है। अब सबकी नजरें राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के संबोधन पर हैं। इस प्रदर्शन के जरिए INDIA गठबंधन चुनाव आयोग की निष्पक्षता, SIR और मतदाता अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने की कोशिश कर रहा है।


