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सिर्फ 5–10 दिन का तेल बचा है? सरकार ने बताया सच

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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि भारत के पास केवल 5 से 10 दिनों का ही तेल भंडार बचा है। हालांकि केंद्र सरकार ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक करार देते हुए स्पष्ट किया है कि देश में तेल और गैस की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत के पास वर्तमान में लगभग 60 दिनों का पर्याप्त कच्चे तेल और ईंधन का भंडार उपलब्ध है, जिसमें रणनीतिक भंडारण और रिफाइनरियों का स्टॉक भी शामिल है।

सरकार ने यह भी कहा कि इस तरह की अफवाहें जानबूझकर फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि बाजार में घबराहट और अनावश्यक खरीदारी (panic buying) बढ़े। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है और सभी रिटेल आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

दरअसल, ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष और खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों में चिंता बढ़ी है। भारत अपनी बड़ी मात्रा में तेल और एलपीजी आयात करता है, खासकर मध्य पूर्व से, इसलिए इस क्षेत्र में तनाव का सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहले ही कई एहतियाती कदम उठाए हैं। तेल आयात के स्रोतों को बढ़ाकर 40 से ज्यादा देशों तक विस्तारित किया गया है और घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, अतिरिक्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका, रूस और अन्य देशों से भी गैस मंगाई जा रही है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री स्तर पर लगातार राज्यों के साथ बैठकें की जा रही हैं और सभी राज्यों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी तरह की कालाबाजारी या अफवाहों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और सामान्य रूप से ही ईंधन का उपयोग करें।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि मौजूदा वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं और आपूर्ति शृंखला पर दबाव बना हुआ है, लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक तैयारी और विविध आयात नीति के चलते स्थिति को काफी हद तक संभाल रखा है। ऐसे में फिलहाल किसी बड़े संकट की आशंका नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी जरूरत अफवाहों से बचने और संयम बनाए रखने की है।

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