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मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा!

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मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को लेकर 14 अक्टूबर को सजा के ऐलान पर सबकी नजरें टिकी हैं। दोनों को मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में 30 सितंबर को दोषी करार दिया गया था। अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। हालांकि, उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में सजा सुनाए जाने से पहले की जानकारी है, इसलिए फांसी की सजा सुनाए जाने की अंतिम पुष्टि अदालत के आधिकारिक आदेश से ही की जानी चाहिए।

यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब मेरठ के एक घर में रखे नीले प्लास्टिक के ड्रम से सौरभ राजपूत के शव के टुकड़े बरामद हुए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ की हत्या करने के बाद उनके शव को टुकड़ों में काटकर ड्रम में रखा गया और सीमेंट तथा रेत से छिपाने की कोशिश की गई। इस मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया गया था। घटना सामने आने के बाद पूरे देश में इस हत्याकांड को लेकर चर्चा हुई थी।

मेरठ की जिला अदालत ने करीब 13 महीने तक चली सुनवाई के बाद 30 सितंबर को दोनों को हत्या और शव छिपाने से संबंधित अपराधों में दोषी ठहराया था। मुकदमे के दौरान कुल 126 सुनवाई हुईं और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए। इनमें ड्रम, सीमेंट, चाकू और अन्य सामान की खरीद से जुड़े लोगों के बयान भी शामिल थे। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों की गतिविधियों, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर अपना मामला रखा था।

अदालत ने दोषी ठहराए जाने के बाद सजा तय करने से पहले दोनों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया था। भारतीय आपराधिक न्याय प्रक्रिया के तहत दोषसिद्धि और सजा का निर्धारण अलग-अलग चरण होते हैं। अभियोजन पक्ष ने अधिकतम सजा की मांग की, जबकि अंतिम फैसला अदालत को उपलब्ध साक्ष्यों, अपराध की परिस्थितियों और कानून के प्रावधानों पर विचार करने के बाद करना है। इसलिए मृत्युदंड की मांग और अदालत द्वारा वास्तव में मृत्युदंड सुनाया जाना दो अलग बातें हैं।

सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनके परिवार ने भी दोनों दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। सुनवाई के दौरान परिवार के सदस्यों ने अदालत में मौजूद रहकर फैसले की प्रक्रिया देखी थी। परिवार की ओर से रखी गई मांग और अभियोजन की दलीलों के बीच अब अदालत का सजा संबंधी अंतिम आदेश महत्वपूर्ण है। मामले में सजा की पुष्टि होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड दिया है या कोई अन्य सजा सुनाई है।

नीले ड्रम हत्याकांड ने अपराध की गंभीरता, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर व्यापक बहस पैदा की है। इस मामले में आगे की कानूनी स्थिति समझने के लिए अदालत के लिखित आदेश और सजा के आधिकारिक विवरण को देखना जरूरी है।

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