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नोएडा की अरण्य सोसाइटी में भीषण आग से मची अफरा-तफरी

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उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-119 की अरण्य सोसाइटी में सोमवार सुबह अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। ऊंची इमारत की ऊपरी मंजिल से उठती आग की लपटें और दूर-दूर तक फैलता धुएं का गुबार देखकर सोसाइटी के निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग एक आवासीय फ्लैट में लगी थी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया।

बताया जा रहा है कि आग सोसाइटी की 21वीं या 22वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में घना धुआं पूरे टावर में फैलने लगा, जिसके कारण निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब छह फायर टेंडरों को मौके पर भेजा और आग को अन्य फ्लैटों तक फैलने से रोकने के प्रयास शुरू किए। राहत की बात यह रही कि शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।

अधिकारियों के अनुसार आग लगने के पीछे एयर कंडीशनर में विस्फोट होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने प्रभावित हिस्से में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और एहतियातन आसपास के निवासियों को भी बाहर निकालने की प्रक्रिया अपनाई। हाईराइज इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि हाल के महीनों में नोएडा की कई बहुमंजिला इमारतों में आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि यदि कोई घायल है तो उसे तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन को पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर महानगरों की ऊंची आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी और आपदा प्रबंधन की प्रभावशीलता पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सुरक्षा ऑडिट, फायर सिस्टम की समय-समय पर जांच और निवासियों के लिए आपातकालीन प्रशिक्षण इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं। फिलहाल दमकल विभाग और प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी

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