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पोस्टमार्टम में फेफड़ों में ब्लड क्लॉट का खुलासा

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समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत Mulayam Singh Yadav के बेटे और BJP नेता Aparna Yadav के पति Prateek Yadav की अचानक हुई मौत ने पूरे राजनीतिक और सामाजिक हलकों को झकझोर दिया है। शुरुआत में उनकी मौत को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनकी मौत “मेसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म” यानी फेफड़ों में खून के थक्के जमने के कारण हुई। रिपोर्ट के अनुसार फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में गंभीर ब्लॉकेज के चलते हार्ट और रेस्पिरेटरी सिस्टम ने अचानक काम करना बंद कर दिया।

38 वर्षीय प्रतीक यादव फिटनेस प्रेमी माने जाते थे और नियमित रूप से जिम जाते थे। यही वजह है कि उनकी अचानक मौत ने लोगों को हैरान कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक यह बीमारी बाहर से स्वस्थ दिखने वाले लोगों में भी अचानक जानलेवा साबित हो सकती है। मेडिकल विशेषज्ञों ने बताया कि “पल्मोनरी एम्बोलिज्म” उस स्थिति को कहा जाता है जब शरीर के किसी हिस्से, खासकर पैरों की नसों में बना खून का थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है और वहां खून के प्रवाह को रोक देता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार प्रतीक यादव पिछले कई वर्षों से Deep Vein Thrombosis यानी DVT की समस्या से जूझ रहे थे। यह बीमारी शरीर की गहरी नसों, खासकर पैरों में खून के थक्के बनने से जुड़ी होती है। India Today की रिपोर्ट के मुताबिक करीब पांच साल पहले उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने DVT की पुष्टि की थी। तब से उनका इलाज चल रहा था और उन्हें ब्लड थिनर दवाएं दी जा रही थीं।

मामला उस समय और रहस्यमय हो गया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर छह चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई। इन चोटों की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस और मेडिकल टीम अब यह जांच कर रही है कि ये चोटें किसी दुर्घटना, गिरने या किसी अन्य कारण से लगी थीं। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण फेफड़ों में ब्लड क्लॉट को ही माना गया है।

डॉक्टरों के अनुसार DVT और पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी बीमारियां अक्सर लंबे समय तक लगातार बैठे रहने, डिहाइड्रेशन, सर्जरी, मोटापा, स्मोकिंग या कुछ हार्मोनल दवाओं की वजह से बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि अत्यधिक जिम वर्कआउट, शरीर में पानी की कमी और बिना मेडिकल सलाह के लिए जाने वाले कुछ फिटनेस सप्लीमेंट्स भी जोखिम बढ़ा सकते हैं। हालांकि प्रतीक यादव के मामले में किसी स्टेरॉयड या अन्य पदार्थ के सीधे इस्तेमाल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बीमारी के लक्षणों को अक्सर सामान्य थकान या सांस फूलने की समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। अचानक सांस फूलना, सीने में दर्द, तेज धड़कन, चक्कर आना, ज्यादा पसीना आना और पैरों में सूजन जैसे संकेत खतरनाक हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में मरीज को कुछ ही मिनटों में कार्डियक अरेस्ट भी हो सकता है।

प्रतीक यादव की मौत के बाद सोशल मीडिया पर भी पल्मोनरी एम्बोलिज्म और DVT को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई डॉक्टर लोगों को लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, नियमित जांच कराने और किसी भी असामान्य सांस या सीने की समस्या को गंभीरता से लेने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते पहचान और इलाज मिलने पर इस बीमारी से कई जानें बचाई जा सकती हैं।

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