
Rajasthan Nikay Chunav Result 2026: राजस्थान के 309 निकायों में आज खुलेगा फैसला,
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 के नतीजों का इंतजार आज खत्म हो रहा है। प्रदेश के 309 शहरी निकायों में हुए चुनाव की मतगणना 14 सितंबर की सुबह शुरू हो गई है। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं शामिल हैं। कुल 10,167 वार्डों के लिए हुए चुनाव में 38,889 उम्मीदवार मैदान में थे। ऐसे में आज आने वाले नतीजे राजस्थान की स्थानीय राजनीति की तस्वीर बदलने के साथ बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
इन चुनावों में मतदान दो चरणों में कराया गया था। पहले चरण में 9 सितंबर को और दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोट डाले गए। चुनाव में मतदाताओं ने काफी उत्साह दिखाया और दोनों चरणों को मिलाकर मतदान प्रतिशत भी पिछले निकाय चुनाव की तुलना में मजबूत रहा। अब मतगणना के साथ अलग-अलग शहरों और वार्डों से जीत-हार की तस्वीर लगातार साफ हो रही है।
जयपुर से लेकर छोटे निकायों तक नजर
राजस्थान के सबसे बड़े शहरी केंद्रों में शामिल जयपुर के नगर निकायों के नतीजों पर खास नजर है। जयपुर जिले के 19 शहरी निकायों के लिए मतगणना शुरू हो चुकी है। अकेले इन निकायों में सैकड़ों वार्ड और हजारों उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों की गिनती भी आज की जा रही है।
इसके अलावा जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर और अलवर जैसे प्रमुख शहरों के नतीजे भी राजनीतिक रूप से काफी अहम होंगे। इन शहरों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला कई वार्डों में देखने को मिला है, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी कई जगह निर्णायक हो सकती है।
BJP को शुरुआती बढ़त, कांग्रेस भी मुकाबले में
मतगणना शुरू होने से पहले ही कुछ सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन से बीजेपी को बढ़त मिल चुकी थी। राजस्थान के निकाय चुनावों में 77 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जिनमें बीजेपी के 44, कांग्रेस के 16 और 17 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। हालांकि, आज होने वाली मुख्य मतगणना ही प्रदेश के शहरी इलाकों में दोनों प्रमुख दलों की वास्तविक ताकत की तस्वीर सामने लाएगी।
शुरुआती परिणामों में भी अलग-अलग वार्डों से बीजेपी और कांग्रेस दोनों की जीत की खबरें सामने आ रही हैं। बाड़मेर में एक वार्ड से बीजेपी और दूसरे वार्ड में कांग्रेस की जीत ने संकेत दिया है कि मुकाबला कई जगह एकतरफा नहीं रहने वाला। अंतिम तस्वीर सभी वार्डों के परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये चुनाव?
राजस्थान के नगर निकाय चुनावों को सिर्फ स्थानीय चुनाव के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस दोनों के लिए यह चुनाव जमीनी संगठन और शहरी वोटरों के बीच पकड़ का बड़ा टेस्ट है। नतीजे आने के बाद यह भी आकलन होगा कि सरकार की नीतियों और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता का रुझान किस तरफ है।
चुनाव के दौरान कई जगह ईवीएम से जुड़ी शिकायतें, कथित फर्जी मतदान और स्थानीय स्तर पर विवाद भी सामने आए थे। कांग्रेस ने कुछ घटनाओं को लेकर सवाल उठाए, जबकि बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर नतीजों पर है।
निर्दलीय उम्मीदवार बिगाड़ सकते हैं समीकरण
कई नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत स्थिति में दिखाई दिए हैं। स्थानीय चुनावों में व्यक्तिगत पकड़, जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की छवि अक्सर पार्टी के नाम से ज्यादा प्रभाव डालती है। ऐसे में कुछ निकायों में बीजेपी या कांग्रेस को बहुमत नहीं मिलने पर निर्दलीय पार्षद बोर्ड बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
आज की मतगणना के साथ राजस्थान के शहरों में किस पार्टी का बोर्ड बनेगा, इसकी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होगी। खास तौर पर जयपुर समेत बड़े नगर निगमों और उन निकायों के नतीजों पर सबकी नजर रहेगी जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। इन नतीजों को आने वाले वर्षों की राजस्थान की राजनीति के लिए भी अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।



