Advertisement
बिहारलाइव अपडेट
Trending

“मैं सनातनी हिंदू हूं…”: रौशन आनंद ने फैजल खान को दी खुली चुनौती

Advertisement
Advertisement

बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है। ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रौशन आनंद ने जेल से जमानत मिलने के बाद न केवल फैजल खान उर्फ खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, बल्कि उन्हें खुली चुनौती भी दी है। रौशन आनंद ने खुद को “सनातनी हिंदू” बताते हुए कहा कि वह किसी भी तरह के दबाव या धमकी से डरने वाले नहीं हैं और अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में सच सामने लाकर रहेंगे। उनका आरोप है कि प्रिंस यादव की मौत सामान्य घटना नहीं बल्कि एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

दरअसल, प्रिंस यादव हाल ही में उस विवादित मामले में आरोपी बनाए गए थे जो पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसा और तोड़फोड़ से जुड़ा था। इसी बीच नेपाल के एक होटल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद पूरे मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक रंग ले लिया। नेपाल पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रिंस के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

रौशन आनंद का कहना है कि उनके भाई की मौत को सामान्य हादसा बताने की जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए हैं और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। उनका दावा है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी उठाई है ताकि किसी भी तरह की आशंका या संदेह को दूर किया जा सके।

रौशन आनंद ने फैजल खान पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनके आरोप गलत साबित होते हैं तो वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन यदि जांच में सच्चाई सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों को भी जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को न्याय चाहिए और वह इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे। वहीं दूसरी ओर, अब तक जांच एजेंसियों ने रौशन आनंद के आरोपों की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी आधिकारिक रिपोर्ट में खान सर की संलिप्तता का कोई प्रमाण सामने आया है।

उल्लेखनीय है कि खान सर और रौशन आनंद के बीच प्रतिद्वंद्विता पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। दोनों के कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा कई बार विवादों में बदल चुकी है। जून 2026 में पटना स्थित कोचिंग सेंटर पर हुई हिंसा के बाद यह विवाद और ज्यादा गहरा गया था, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे। प्रिंस यादव की रहस्यमयी मौत के बाद यह मामला अब केवल कोचिंग संस्थानों की प्रतिद्वंद्विता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी और जांच एजेंसियों की कार्रवाई का विषय भी बन गया है।

फिलहाल सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट, नेपाल पुलिस की जांच और भारतीय एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है तो बिहार के इस हाई-प्रोफाइल कोचिंग विवाद में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share