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कौन दे सकता है एग्जाम, कब होंगी परीक्षाएं और क्या है फीस नियम

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education (CBSE) ने साल 2026 से 10वीं के छात्रों के लिए दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली लागू की है, जिसके तहत छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार का एक और मौका मिलेगा। पहली (मुख्य) परीक्षा फरवरी-मार्च में आयोजित होती है, जबकि दूसरी परीक्षा मई-जून में कराई जाएगी।

CBSE के नियमों के अनुसार, दूसरी बोर्ड परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकते हैं जिन्होंने पहली परीक्षा दी हो। यह परीक्षा मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए है जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं या किसी विषय में पास नहीं हो पाए हैं। छात्र अधिकतम तीन विषयों (जैसे गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान या भाषा) में सुधार के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।

हालांकि, बोर्ड ने कुछ शर्तें भी तय की हैं। अगर कोई छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

दूसरी बोर्ड परीक्षा 2026 का आयोजन 15 मई से 1 जून के बीच किया जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया स्कूलों के माध्यम से पूरी की जाती है, यानी छात्र सीधे आवेदन नहीं कर सकते। स्कूल ही CBSE पोर्टल पर छात्रों की List of Candidates (LOC) जमा करते हैं और सभी विवरण सत्यापित करते हैं।

फीस को लेकर CBSE ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली नहीं की जा सकती। सामान्य तौर पर भारत में 5 विषयों के लिए लगभग ₹1600 और अतिरिक्त विषय के लिए अलग शुल्क तय किया गया है, जबकि लेट फीस अलग से लागू हो सकती है।

नई दो-एग्जाम प्रणाली का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का दूसरा अवसर देना है। इससे छात्र अपनी गलतियों को सुधारकर बेहतर रिजल्ट हासिल कर सकेंगे और उनके करियर पर पड़ने वाले असर को भी कम किया जा सकेगा।

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