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दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर की हत्या का खुलासा

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दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. देवस्मिता पॉल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महज तीन दिनों के भीतर इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी सुलझाते हुए दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल से एक दंपति को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे संपत्ति विवाद की बड़ी वजह थी। पुलिस के अनुसार आरोपी लगभग 1400 किलोमीटर की दूरी तय करके पश्चिम बंगाल से दिल्ली पहुंचे थे और सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।

डॉ. देवस्मिता पॉल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थीं। उनका शव पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित उनके फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी। शुरुआत में पुलिस कई कोणों से मामले की जांच कर रही थी, जिसमें पारिवारिक विवाद, व्यक्तिगत रंजिश और पेशेवर कारण भी शामिल थे।

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली। सीसीटीवी फुटेज में एक पुरुष और एक महिला संदिग्ध रूप से आवासीय परिसर में आते-जाते दिखाई दिए थे। दोनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे ढक रखे थे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और अंततः पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले तक पहुंच गई।

पुलिस ने पश्चिम बंगाल से रामप्रसाद दास और उनकी पत्नी बंश्री दास को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि दोनों दिल्ली विशेष उद्देश्य से आए थे और हत्या की योजना पहले से तैयार की गई थी। पुलिस को शक है कि आरोपियों की नजर डॉ. पॉल के परिवार की संपत्ति पर थी और इसी विवाद ने इस खौफनाक वारदात को जन्म दिया।

सूत्रों के अनुसार संपत्ति को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके दिल्ली आने, हत्या की योजना बनाने तथा वारदात को अंजाम देने के पूरे घटनाक्रम को जोड़ा जा रहा है।

इस हत्याकांड ने दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों को गहरे सदमे में डाल दिया है। डॉ. देवस्मिता पॉल को एक समर्पित शिक्षिका के रूप में जाना जाता था। उनके छात्रों और सहकर्मियों ने उन्हें एक प्रेरणादायक शिक्षक बताया है, जो हमेशा विद्यार्थियों की मदद के लिए तैयार रहती थीं। उनकी अचानक और दर्दनाक मौत से पूरे शैक्षणिक समुदाय में शोक की लहर है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आने वाले दिनों में पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

दिल्ली पुलिस ने जिस तेजी से इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई है, उसकी सराहना की जा रही है। हालांकि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संपत्ति विवाद किस स्तर तक पहुंच चुका था और क्या इस साजिश में केवल गिरफ्तार दंपति ही शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।

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