Advertisement
लाइव अपडेटसमाचार
Trending

क्या भारत में LPG गैस की सप्लाई रुकने वाली है?

Advertisement
Advertisement

हाल ही में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देशभर में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारत में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने वाली है। सोशल मीडिया पर कई दावे किए जा रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारतीय एलपीजी जहाज फंस गए हैं और इससे देश में गैस संकट पैदा हो सकता है। हालांकि उपलब्ध जानकारी और सरकारी आश्वासनों से तस्वीर कुछ अलग नजर आती है।

दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों पर पड़े असर के कारण एलपीजी और ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसका अधिकांश हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। ऐसे में होर्मुज क्षेत्र में किसी भी प्रकार का व्यवधान भारत के लिए चिंता का विषय बन जाता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार इस वर्ष की शुरुआत में कई भारतीय ध्वज वाले जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंस गए थे। इनमें एलपीजी, कच्चा तेल और अन्य ऊर्जा उत्पाद लेकर आने वाले जहाज भी शामिल थे। हालांकि समय के साथ कई जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज क्षेत्र पार कर भारत पहुंचने में सफल रहे हैं। भारतीय अधिकारियों और शिपिंग एजेंसियों ने लगातार वैकल्पिक व्यवस्था और समन्वय के माध्यम से आपूर्ति को बनाए रखने का प्रयास किया है।

हाल के सप्ताहों में दो से अधिक भारतीय एलपीजी टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज क्षेत्र से निकलकर भारत की ओर रवाना हुए हैं। इससे यह संकेत मिला है कि चुनौतियों के बावजूद पूरी तरह से आपूर्ति बंद नहीं हुई है। कुछ जहाज अभी भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं, लेकिन सरकार और संबंधित एजेंसियां उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि एलपीजी की उपलब्धता को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार का कहना है कि देशभर में गैस की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं और विभिन्न स्रोतों से सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जहाज लगातार भारत पहुंच रहे हैं और ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का संबंध केवल जहाजों के फंसने से नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव, परिवहन लागत, बीमा खर्च और भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी एलपीजी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। होर्मुज संकट ने निश्चित रूप से लागत बढ़ाई है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि भारत में गैस की सप्लाई पूरी तरह रुकने वाली है।

हालांकि उद्योग जगत और बड़े कमर्शियल उपभोक्ताओं पर दबाव जरूर बढ़ा है। कुछ निजी कंपनियों को वैकल्पिक देशों से एलपीजी आयात करनी पड़ी और अधिक कीमत चुकानी पड़ी। इससे बाजार में लागत बढ़ने का असर देखा गया। फिर भी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए एलपीजी के रणनीतिक भंडारण, आयात स्रोतों में विविधता और वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों पर अधिक ध्यान देना होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व ऊर्जा व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और वहां उत्पन्न किसी भी संकट का असर केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ता है।

फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि भारत में एलपीजी गैस की सप्लाई बंद होने वाली है। हालांकि वैश्विक परिस्थितियों के कारण चुनौतियां जरूर बनी हुई हैं, लेकिन सरकार और ऊर्जा कंपनियां आपूर्ति बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share