
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में नेटवर्क को UAPA की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है। सरकार के मुताबिक यह नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी के साथ युवाओं और स्थानीय अपराधियों को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने में शामिल रहा है।
शहजाद भट्टी को इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख चेहरा बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क पाकिस्तान से संचालित होकर भारत में मौजूद लोगों तक सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल माध्यमों के जरिए पहुंच बनाता था। कथित तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और संवेदनशील युवाओं को पैसों, हथियारों और विदेश जाने जैसे लालच देकर अपने संपर्क में लाया जाता था। इसके बाद उन्हें रेकी, निगरानी, हथियार पहुंचाने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
14 राज्यों में कार्रवाई, 250 से ज्यादा लोग हिरासत में
सुरक्षा एजेंसियों ने अगस्त में देश के 14 राज्यों में नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस अभियान के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया और नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक FIR दर्ज की गईं। कार्रवाई के दौरान हथियार, कारतूस, विस्फोटक और निगरानी से जुड़े उपकरण बरामद किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी।
जांच में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल समेत कई राज्यों में नेटवर्क की गतिविधियों के संकेत मिलने की बात कही गई है। एजेंसियों के मुताबिक स्थानीय स्तर पर बनाए गए मॉड्यूल के जरिए कथित तौर पर अलग-अलग आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की जाती थी।
सोशल मीडिया के जरिए भर्ती का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक शहजाद भट्टी नेटवर्क की कार्यप्रणाली का एक अहम हिस्सा सोशल मीडिया था। कथित तौर पर पहले युवाओं से ऑनलाइन संपर्क किया जाता था और उन्हें छोटे-छोटे काम सौंपकर नेटवर्क में शामिल किया जाता था। बाद में संपर्क बढ़ने पर उन्हें रेकी, हथियारों की आवाजाही और हमलों से जुड़े काम दिए जाने का आरोप है।
एजेंसियों ने नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने का भी आरोप लगाया है। जांच में पाकिस्तान स्थित कुछ सहयोगियों के नाम सामने आने की बात कही गई है। साथ ही, नेटवर्क का संबंध ‘तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH) नाम से संचालित गतिविधियों से भी जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इन दावों की जांच सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित होने का क्या मतलब?
SBN को UAPA की पहली अनुसूची में शामिल किए जाने के बाद इस संगठन और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा और मजबूत हो गया है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि नेटवर्क की गतिविधियां भारत की आंतरिक सुरक्षा, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा पैदा करने वाली हैं। सरकार ने नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ UAPA, भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक संबंधी कानून और आईटी कानून समेत कई धाराओं में दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस नेटवर्क का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इसमें पारंपरिक आतंकी ढांचे के साथ सोशल मीडिया, स्थानीय अपराधी नेटवर्क और सीमा पार से हथियारों की आपूर्ति को जोड़ने का आरोप है। अब एजेंसियां नेटवर्क की फंडिंग, डिजिटल संपर्कों, पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स और भारत में मौजूद मॉड्यूल के बीच संबंधों की जांच कर रही हैं।



