
गुरुग्राम में अवैध और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में सेक्टर-70ए स्थित BPTP Astaire Gardens कॉलोनी के करीब 80 मकानों को कथित अनधिकृत निर्माण के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों की ओर से संबंधित मकान मालिकों से निर्माण से जुड़े दस्तावेज और अनुमति संबंधी जानकारी मांगी गई है।
बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से कॉलोनी में निर्माण गतिविधियों की जांच के दौरान ऐसे मामलों की पहचान की गई, जहां स्वीकृत नक्शे या निर्धारित भवन नियमों के अनुरूप निर्माण नहीं होने की आशंका है। नोटिस के जरिए संपत्ति मालिकों को अपना पक्ष रखने और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया है। नियमों के मुताबिक, नोटिस के बाद जवाब और दस्तावेजों की जांच की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
Astaire Gardens सेक्टर-70ए में स्थित एक लाइसेंस प्राप्त आवासीय परियोजना है। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के रिकॉर्ड में यह परियोजना Countrywide Promoters Private Limited से जुड़ी दर्ज है। परियोजना में प्लॉटेड रेजिडेंशियल कॉलोनी, फ्लोर और विला शामिल हैं तथा इसके लिए हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट के तहत लाइसेंस जारी किए गए थे।
गुरुग्राम में इस समय अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान कई इलाकों तक फैल रहा है। हाल के दिनों में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में भी नियमों के विपरीत निर्माण और आवासीय संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की है। कुछ संपत्तियों को सील किया गया है और कुछ मामलों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की गई है।
औद्योगिक क्षेत्रों में भी अवैध निर्माण, जमीन के गलत इस्तेमाल, अतिरिक्त कवरेज और अतिक्रमण की जांच शुरू की गई है। अधिकारियों की ओर से अलग-अलग संपत्तियों और प्लॉट का सर्वे कर यह देखा जा रहा है कि वहां स्वीकृत भूमि उपयोग और भवन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
गुरुग्राम में लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों को लेकर हाल में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि नगर निगम की सीमा में शामिल होने के बावजूद लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियां हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट, 1975 के प्रावधानों के अधीन रहती हैं। इसका मतलब है कि ऐसी कॉलोनियों में भी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार बना रहता है।
अधिकारियों के मुताबिक, किसी संपत्ति में नियमों के उल्लंघन की पहचान होने के बाद सीधे अंतिम कार्रवाई नहीं की जाती, बल्कि संबंधित पक्ष को अपना जवाब देने का अवसर दिया जाता है। कारण बताओ नोटिस इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि जांच में अनधिकृत निर्माण की पुष्टि होती है और उसे नियमों के तहत नियमित नहीं किया जा सकता, तो आगे सीलिंग या हटाने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।
Astaire Gardens में जारी नोटिस के बाद अब संबंधित मकान मालिकों के जवाब और उनके द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। विभाग की जांच में यह तय किया जाएगा कि संबंधित निर्माण स्वीकृत योजना और लागू भवन नियमों के अनुरूप है या नहीं। फिलहाल नोटिस जारी होना अंतिम दोषसिद्धि या निर्माण हटाने का आदेश नहीं है, बल्कि आगे की प्रशासनिक कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को जवाब देने का अवसर है।
गुरुग्राम में बढ़ते अवैध निर्माण और जमीन के गलत इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने अलग-अलग इलाकों में निगरानी और कार्रवाई तेज की है। ऐसे में Astaire Gardens के 80 मकानों को जारी नोटिस को भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच और जवाबों के आधार पर इन संपत्तियों पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



