
नेपाल के माउंट एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा हो गया। सोलुखुम्बु जिले के फेरेचे हेलीपैड पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में एक भारतीय पर्यटक की मौत हो गई, जबकि न्यूज़ीलैंड का एक नागरिक और एक नेपाली पायलट घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बचाव अभियान शुरू किया गया।
यह दुर्घटना मंगलवार, 3 नवंबर को सुबह करीब 8:11 बजे हुई। हादसे में शामिल हेलिकॉप्टर फिशटेल एयर और एयर डायनेस्टी कंपनियों के थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों हेलिकॉप्टर उतरने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनके रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद दोनों विमान क्षतिग्रस्त होकर हेलीपैड पर गिर गए।
मृतक भारतीय पर्यटक की पहचान वसंत कुमार बालारामारामाडु के रूप में हुई है। वह फिशटेल एयर के हेलिकॉप्टर में सवार थे। हादसे में न्यूज़ीलैंड के निवासी शैलेश कृष्ण पटेल भी घायल हुए हैं। इसके अलावा एयर डायनेस्टी के पायलट रवींद्र प्रजापति को भी चोटें आई हैं। घायलों को इलाज के लिए काठमांडू ले जाया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, फिशटेल एयर का हेलिकॉप्टर यात्रियों को लेकर एवरेस्ट क्षेत्र से लौट रहा था, जबकि एयर डायनेस्टी का हेलिकॉप्टर सामान लेकर पहुंचा था। दोनों के लैंडिंग के दौरान रोटर ब्लेड आपस में टकराने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों और तकनीकी कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हादसे के बाद राहत और बचाव के लिए दूसरे हेलिकॉप्टरों की मदद ली गई। घायल यात्रियों और पायलट को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में शामिल विमानों में सवार सभी लोगों की संख्या और उनकी स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
फेरेचे नेपाल के सोलुखुम्बु जिले में स्थित है और माउंट एवरेस्ट बेस कैंप जाने वाले ट्रेकिंग मार्ग का अहम पड़ाव है। इस इलाके में सड़क संपर्क सीमित होने के कारण हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल पर्यटकों, पर्वतारोहियों और जरूरी सामान को लाने-ले जाने के लिए किया जाता है। आपात स्थिति में बचाव और मेडिकल इवैक्यूएशन के लिए भी हेलिकॉप्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नेपाल के अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों हेलिकॉप्टरों के बीच टक्कर किस वजह से हुई और क्या इसमें मौसम, दृश्यता, लैंडिंग प्रक्रिया या पायलटों के बीच समन्वय से जुड़ा कोई कारण था। जांच में इन पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
एवरेस्ट क्षेत्र में पर्यटन और पर्वतारोहण के व्यस्त मौसम के दौरान हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर संचालन की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। ऊंचाई, बदलता मौसम और सीमित लैंडिंग स्थान ऐसे अभियानों को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।


