
35 मिलियन डॉलर की Ponzi Scheme में भारतीय मूल के सिद्धार्थ जवाहर को 11 साल की जेल
अमेरिका में भारतीय मूल के निवेश सलाहकार सिद्धार्थ जवाहर को 35 मिलियन डॉलर से अधिक की Ponzi Scheme चलाने के मामले में 11 साल की संघीय जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने उन्हें पीड़ित निवेशकों को 31.35 मिलियन डॉलर की रकम वापस करने का भी आदेश दिया है।
अमेरिकी अभियोजन के अनुसार, जवाहर ने अपनी कंपनी Swiftarc Capital LLC के जरिए जुलाई 2016 से दिसंबर 2023 के बीच करीब 64 निवेशकों से 35 मिलियन डॉलर से अधिक जुटाए। निवेशकों को बताया गया था कि उनकी रकम अलग-अलग निवेशों में लगाई जा रही है और उन्हें अच्छा रिटर्न मिल रहा है।
हालांकि, जांच में आरोप सामने आया कि जुटाई गई रकम का केवल करीब 10 मिलियन डॉलर ही वास्तविक निवेश में लगाया गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, निवेश के खराब प्रदर्शन को निवेशकों से छिपाया गया और उन्हें उनके पैसे की स्थिति के बारे में भ्रामक जानकारी दी गई।
आरोपों के अनुसार, नए निवेशकों से मिली रकम का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को भुगतान करने में भी किया गया। इसी तरीके से यह कथित Ponzi Scheme कई वर्षों तक चलती रही। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि रकम का कुछ हिस्सा प्राइवेट जेट, लग्जरी अपार्टमेंट, महंगे होटल और अन्य निजी खर्चों पर इस्तेमाल किया गया।
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा NFL स्टार Travis Kelce के नाम की हो रही है। Kelce, Taylor Swift के पति, उन 64 निवेशकों में शामिल हैं जिन्हें इस मामले में पीड़ित बताया गया है। उन्होंने जवाहर की कंपनी से जुड़े एक निवेश फंड में पैसा लगाया था। हालांकि, Kelce पर किसी गलत काम का आरोप नहीं है और उनके निवेश या नुकसान की सटीक रकम सार्वजनिक नहीं की गई है।
सिद्धार्थ जवाहर ने जनवरी 2026 में तीन wire fraud charges में अपना अपराध स्वीकार किया था। अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद उन्होंने एक पीड़ित को FBI के सामने बयान देने से प्रभावित करने और फोन से सबूत मिटाने की कोशिश की।
अदालत ने इन मामलों को देखते हुए जवाहर को 11 साल की संघीय जेल की सजा सुनाई है। साथ ही उन्हें निवेशकों को 31.35 मिलियन डॉलर की restitution राशि चुकाने का आदेश दिया गया है।



