
गुजरात के गांधीनगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर क्राइम गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह पर करीब 53 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है और सबसे अहम बात यह है कि इसके तार चर्चित बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, गुजरात CID के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने विशेष ऑपरेशन चलाकर आनंद और अहमदाबाद से इस गिरोह के 8 से 10 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह पूरे देश में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा था, जो बैंक खातों के जरिए अवैध लेनदेन को अंजाम देता था।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से 197 बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें से करीब 60 खाते 132 साइबर अपराध मामलों में इस्तेमाल किए गए थे। इन खातों के जरिए लगभग 53.5 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया। यह ठगी निवेश स्कैम, UPI फ्रॉड और ट्रेडिंग फ्रॉड जैसे कई तरीकों से की गई थी।
इस गिरोह का काम बेहद संगठित तरीके से चलता था। आरोपी आम लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेते थे और फिर उन्हीं खातों के जरिए अवैध पैसों को घुमाते थे। कई मामलों में यह पैसा क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश तक भेजा जाता था, जिससे ट्रैक करना और मुश्किल हो जाता था। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पूछताछ में पता चला कि गिरोह के एक सदस्य ने एक बैंक खाता उपलब्ध कराया था,
जिसका इस्तेमाल बाबा सिद्दीकी हत्या मामले के आरोपियों ने किया था। इस कनेक्शन के सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियां इस मामले को और गंभीरता से देख रही हैं और फाइनेंशियल ट्रेल खंगालने में जुटी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, चेक बुक, पासबुक और डेबिट कार्ड जैसे कई अहम सबूत भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और इसके नेटवर्क में और भी बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद साइबर अपराध और संगठित अपराध के बीच गहरे संबंधों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नेटवर्क अपराधियों को आर्थिक मदद और सुरक्षित लेनदेन का माध्यम उपलब्ध कराते हैं, जिससे बड़े आपराधिक मामलों को अंजाम देना आसान हो जाता है।
फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


