इंग्लैंड की लोकप्रिय क्रिकेट लीग ‘द हंड्रेड’ के 2026 प्लेयर ऑक्शन के बाद एक बड़ा विवाद सामने आया है। भारतीय कारोबारी समूह सन ग्रुप की फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छिड़ गई। इस फैसले के कुछ ही घंटों बाद टीम का आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट अचानक सस्पेंड कर दिया गया, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सनराइजर्स लीड्स ने ऑक्शन के दौरान अबरार अहमद को करीब 1.9 लाख पाउंड (लगभग 2.3 करोड़ रुपये) में खरीदा। इस खिलाड़ी को लेने के लिए टीम ने कड़ी बोली लगाई और आखिरकार उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया। दिलचस्प बात यह है कि अबरार अहमद किसी भारतीय मालिक वाली फ्रेंचाइजी से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी क्रिकेटर बन गए हैं, जिससे यह डील ऐतिहासिक भी मानी जा रही है।
हालांकि इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहे राजनीतिक तनाव और क्रिकेट संबंधों में दूरी के कारण कई फैंस ने इस कदम की आलोचना की। कुछ लोगों ने काव्या मारन और उनकी फ्रेंचाइजी को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारतीय मालिक वाली टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन करना विवाद खड़ा कर सकता है। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर टीम के खिलाफ ट्रेंड चलने लगे और भारी ट्रोलिंग भी देखने को मिली।
इसी विवाद के बीच सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक X अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि अकाउंट सस्पेंड होने की असली वजह क्या है, इस पर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। प्लेटफॉर्म की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कदम सोशल मीडिया पर बढ़ते विवाद और रिपोर्ट्स के कारण उठाया गया हो सकता है।
गौरतलब है कि सन ग्रुप दुनिया की कई टी20 लीग में टीमों का मालिक है। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद और दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में सनराइजर्स ईस्टर्न केप भी इसी समूह की टीमें हैं। हाल ही में इस समूह ने इंग्लैंड की टीम नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स में निवेश किया था, जिसके बाद उसका नाम बदलकर सनराइजर्स लीड्स कर दिया गया।
इस ऑक्शन में अबरार अहमद के अलावा पाकिस्तान के एक और खिलाड़ी उस्मान तारिक को भी खरीदा गया, जिन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने अपनी टीम में शामिल किया। हालांकि कई बड़े पाकिस्तानी खिलाड़ी जैसे शादाब खान और हारिस रऊफ को कोई खरीदार नहीं मिला। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विवाद के बावजूद अबरार अहमद टीम के साथ बने रहेंगे या फ्रेंचाइजी दबाव में आकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।



