
दुनिया का सबसे पुराना शहर जेरिको—11 हजार साल पुरानी सभ्यता की अद्भुत कहानी
मध्य पूर्व के जेरिको को दुनिया के सबसे पुराने बसे हुए शहरों में गिना जाता है, जिसकी कहानी मानव सभ्यता की शुरुआत तक पहुंचती है। हाल ही में एक रिपोर्ट में इस प्राचीन शहर के इतिहास और महत्व को फिर से चर्चा में लाया गया है। जेरिको न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह इस बात का भी जीवंत उदाहरण है कि कैसे इंसान ने हजारों साल पहले स्थायी बस्तियां बसानी शुरू की थीं।
इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार जेरिको की शुरुआत लगभग 9000 ईसा पूर्व या उससे भी पहले हुई थी, यानी यह शहर करीब 11 हजार साल पुराना माना जाता है। यहां खुदाई में 20 से अधिक अलग-अलग बस्तियों के प्रमाण मिले हैं, जो यह दिखाते हैं कि यह क्षेत्र लगातार आबाद रहा है। Tell es-Sultan नामक पुरातात्विक स्थल को इस शहर का प्राचीन केंद्र माना जाता है, जहां मानव बसावट के शुरुआती प्रमाण पाए गए हैं।
जेरिको की खासियत इसकी भौगोलिक स्थिति भी रही है। यहां प्राकृतिक जल स्रोत, खासकर झरनों की मौजूदगी ने इसे हजारों वर्षों तक रहने योग्य बनाए रखा। यही कारण है कि यहां खेती, व्यापार और सामाजिक जीवन का विकास बहुत जल्दी हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शहर मानव इतिहास में उस दौर का प्रतिनिधित्व करता है, जब लोग घुमंतू जीवन छोड़कर स्थायी रूप से बसने लगे थे।
इतना ही नहीं, जेरिको को दुनिया का सबसे पुराना किलेबंद शहर भी कहा जाता है। यहां मिली प्राचीन दीवारें और टावर इस बात का संकेत देते हैं कि उस समय भी सुरक्षा और शहरी संरचना पर ध्यान दिया जाता था। पुरातात्विक शोध में यह भी सामने आया है कि यहां लगभग 8000 ईसा पूर्व के आसपास मजबूत दीवारें और संरचनाएं बनाई गई थीं, जो मानव सभ्यता के शुरुआती शहरी विकास को दर्शाती हैं।
2023 में इस ऐतिहासिक स्थल को यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा भी दिया, जिससे इसकी वैश्विक पहचान और मजबूत हुई। यह शहर न केवल इतिहासकारों के लिए बल्कि पूरी मानव सभ्यता के विकास को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
आज जेरिको एक “लिविंग म्यूजियम” की तरह है, जहां प्राचीन सभ्यताओं के निशान आज भी देखे जा सकते हैं। हजारों साल पुराने इस शहर ने कई साम्राज्यों का उत्थान और पतन देखा है, लेकिन आज भी यह अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ जीवित है।



