
पवन खेड़ा केस में सियासत गरम: कांग्रेस ने असम CM से की संयम बरतने की अपील
असम की राजनीति में पवन खेड़ा विवाद को लेकर घमासान और तेज हो गया है। कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma से अपील करते हुए कहा है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी जैसे कदमों से बचा जाए। यह अपील कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Abhishek Manu Singhvi ने की, जिन्होंने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पवन खेड़ा को मिली राहत का हवाला दिया।
दरअसल, कांग्रेस नेता Pawan Khera पर असम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। यह मामला मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी के खिलाफ लगाए गए कथित आरोपों से जुड़ा है, जिन्हें लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत (anticipatory bail) दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद Abhishek Manu Singhvi ने कहा कि गिरफ्तारी “आखिरी विकल्प” होनी चाहिए, खासकर तब जब मामला मानहानि और बयानबाजी से जुड़ा हो। उन्होंने “हाथ जोड़कर” मुख्यमंत्री से अपील की कि इस मुद्दे को राजनीतिक टकराव में न बदला जाए और संयम बरता जाए।
सिंघवी ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता साफ नजर आती है और ऐसे मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Article 21) का सम्मान जरूरी है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने दलील दी थी कि खेड़ा कोई “खतरनाक अपराधी” नहीं हैं और बिना गिरफ्तारी के भी जांच संभव है।
हालांकि, दूसरी ओर असम सरकार और खुद Himanta Biswa Sarma ने इन आरोपों को “झूठा और राजनीतिक” बताते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही है। मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर गरमा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि चुनावी राजनीति से भी जुड़ा हुआ है, जहां बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
इस पूरे घटनाक्रम में अब आगे की दिशा सुप्रीम कोर्ट और जांच एजेंसियों की कार्रवाई तय करेगी, जबकि राजनीतिक बयानबाजी फिलहाल जारी रहने के संकेत हैं।



