गोंडा
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गांव गांव जाकर लम्पी स्किन रोग के बारे में जागरूकता फैलाएं

गांव गांव जाकर लम्पी स्किन रोग के बारे में जागरूकता फैलाएं

संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिकारी फील्ड में जाकर करें काम

3 दिन का अभियान चलाकर संक्रमण पर लगाई जाये रोक

संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से आइसोलेट किया जाए

रविवार को गोण्डा में पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज (पशुओ में त्वचा रोग) के संक्रमण रोकथाम हेतु प्रबंधक निदेशक पीसीडीएफ लखनऊ आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में बैठक हुई। बैठक के दौरान उन्होंने एलएसडी बीमारी से रोकथाम एवं संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। बैठक के दौरान उन्होंने संक्रमण की रोकथाम में लगे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह गांव-गांव जाकर फील्ड वर्क करें। गांव-गांव जाकर इस संक्रमण के लक्षण व बचाव के संबंध में जन जागरूकता फैलाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जो पशु रोग इस रोग से संक्रमित हो गया उसे तत्काल अन्य पशुओं से आइसोलेट कर दिया जाए। गौशालाओं को संक्रमण से दूर रखा जाए। गौशालाओं के सभी पशुओं को वैक्सीन लगाई जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वैक्सीन लगाकर संक्रमण को रोका जाए। उन्होंने सीवीओ को निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर प्रधानों व सेक्रेटरी आदि के साथ बैठक कर लोगों को इस बारे में जानकारी दें। गांवों में बैनर व पम्पलेट के माध्यम से कंट्रोल रूम का नंबर का प्रचार प्रसार करायें। तीन दिन का अभियान चला कर संक्रमण पर रोक लगाई जाए। इस रोग के बारे में फैल रही गलत खबरों का खंडन किया जाए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, सभी बीडीओ, सभी अधिशासी अधिकारी सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी का उपस्थित रहे।

लम्पी स्किन डिजीज क्या है

लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी होती है, जो गाय-भैंसों में होती है। लम्पी स्किन डिज़ीज़ में शरीर पर गांठें बनने लगती हैं, खासकर सिर, गर्दन, और जननांगों के आसपास। धीरे-धीरे ये गांठे बड़ी होने लगती हैं और घाव बन जाता है। एलएसडी वायरस मच्छरों और मक्खियों जैसे खून चूसने वाले कीड़ों से आसानी से फैलता है। साथ ही ये दूषित पानी, लार और चारे के माध्यम से भी फैलता है।

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