
सर्राफा बाजार में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिली है, जहां 23 अप्रैल 2026 को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही चांदी के दाम करीब ₹6000 तक टूट गए, जबकि सोने की कीमतों में भी लगभग ₹1000 तक की गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट के बाद चांदी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 1.97 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है, वहीं सोना भी अपने उच्चतम स्तर से लगभग ₹51,000 तक नीचे आ चुका है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं बल्कि वैश्विक संकेतों से भी जुड़ी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने सोने-चांदी जैसे कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों ने भी निवेशकों की रणनीति बदल दी है, जिससे बिकवाली बढ़ी और कीमतों में गिरावट आई।
भारत के सर्राफा बाजार में भी इसका सीधा असर देखा गया। कई प्रमुख शहरों में चांदी के दाम सुबह के कारोबार में ही ₹6000 तक गिर गए, जबकि सोने के भाव में भी लगातार कमजोरी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (profit booking) और बाजार में अनिश्चितता के चलते यह गिरावट और तेज हुई है।
हाल के दिनों में सोना-चांदी के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी तेजी तो कभी अचानक गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है, क्योंकि यह पूरी तरह वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, सोना और चांदी की कीमतों में आई इस ताजा गिरावट ने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां एक ओर निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय है, वहीं दूसरी ओर खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए यह मौका भी साबित हो सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में बाजार किस दिशा में जाता है।



