
महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित TCS Nashik Conversion Case में मुख्य आरोपी Nida Khan को लेकर एक नया और अहम खुलासा सामने आया है। जांच के दौरान यह पता चला है कि वह 11 और 13 अप्रैल को इलाज के लिए ठाणे के मुंब्रा इलाके स्थित एक अस्पताल गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, वह पेट दर्द और यात्रा में परेशानी की शिकायत लेकर पहुंची थी, जिसके चलते उसे आराम करने की सलाह दी गई और मेडिकल लीव सर्टिफिकेट भी जारी किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि पहली बार वह अपने पति के साथ अस्पताल पहुंची थी, जबकि दूसरी बार अकेले इलाज कराने आई। इससे पहले उसने घर पर प्राथमिक जांच भी कराई थी और फिर आगे इलाज के लिए अस्पताल का रुख किया। इस जानकारी ने जांच एजेंसियों को उसकी गतिविधियों की टाइमलाइन समझने में मदद दी है, खासकर उस समय जब वह लगातार फरार बताई जा रही है।
वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। Nashik पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। हालांकि, अभी तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है, क्योंकि उसका मोबाइल फोन बंद है और लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।
इस केस का संबंध Tata Consultancy Services (TCS) के नासिक स्थित बीपीओ यूनिट से है, जहां कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और कथित धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अब तक कई एफआईआर दर्ज कर चुकी है और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब आरोपी के वकील ने अदालत में दावा किया कि वह गर्भवती है और अग्रिम जमानत की मांग की है। इस दावे की भी जांच की जा रही है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है।
पूरे घटनाक्रम ने कॉर्पोरेट सेक्टर में सुरक्षा और आंतरिक शिकायत प्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां और संबंधित संस्थाएं अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।



