
पंजाब में ED की बड़ी कार्रवाई
पंजाब में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई राज्य के अलग-अलग शहरों में एक साथ की गई, जहां ED की टीमों ने भुल्लर और उनके करीबी सहयोगियों से संबंधित परिसरों की गहन तलाशी ली। बताया जा रहा है कि यह पूरी जांच मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति के आरोपों से जुड़ी है, जिसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।
सूत्रों के अनुसार, ED ने पंजाब में करीब 10 से ज्यादा स्थानों पर एक साथ रेड की, जिनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं। जांच एजेंसी का फोकस उन दस्तावेजों और लेन-देन पर है, जिनसे यह पता लगाया जा सके कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित धन को कैसे विभिन्न कंपनियों और संपत्तियों के जरिए सफेद किया गया।
दरअसल, भुल्लर पहले से ही भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों में जांच के घेरे में रहे हैं। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उन्हें एक रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें आरोप था कि उन्होंने एक कारोबारी से केस सुलझाने के बदले पैसे की मांग की थी। उस दौरान उनके ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए थे, जिसने जांच एजेंसियों को मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की ओर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
ED की ताजा कार्रवाई को उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें अब यह जांच की जा रही है कि रिश्वत और अन्य अवैध स्रोतों से प्राप्त धन को किन-किन माध्यमों से वैध बनाने की कोशिश की गई। अधिकारियों का मानना है कि इस केस में कई और लोगों और कंपनियों की भूमिका सामने आ सकती है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
इस बीच, पंजाब में लगातार हो रही ED की कार्रवाइयों ने राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है। विपक्ष इन छापों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जरूरी कदम बता रहा है, जबकि कुछ राजनीतिक दल इसे केंद्र सरकार की एजेंसियों के दुरुपयोग के रूप में भी देख रहे हैं। पहले भी राज्य में कई नेताओं और कारोबारियों पर ED की कार्रवाई हो चुकी है, जिससे यह मुद्दा और संवेदनशील बन गया है।
कुल मिलाकर, भुल्लर से जुड़े ठिकानों पर ED की यह छापेमारी पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही बड़ी मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, जिससे कई प्रभावशाली नामों पर भी शिकंजा कस सकता है।



