
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एक बार फिर भारतीय वायुसेना की ताकत का गवाह बना, जहां अत्याधुनिक फाइटर जेट्स और सैन्य विमानों ने शानदार युद्धाभ्यास करते हुए देश की रक्षा क्षमता का प्रदर्शन किया। इस विशेष अभ्यास के दौरान Indian Air Force के तेजस, सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर और मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमानों ने एक्सप्रेसवे पर बने इमरजेंसी एयरस्ट्रिप पर सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ किया। यह दृश्य न केवल रोमांचक था, बल्कि देश की सैन्य तैयारी का भी स्पष्ट संकेत देता है।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता को परखना था। विशेषज्ञों के मुताबिक, युद्ध या किसी बड़े हमले की स्थिति में अगर एयरबेस को नुकसान पहुंचता है, तो ऐसे हाईवे एयरस्ट्रिप वायुसेना के लिए बैकअप का काम करते हैं। इसी रणनीति के तहत देशभर में कई एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत एयरबेस में बदला जा सके।
इस हाई-प्रोफाइल ड्रिल के चलते एक्सप्रेसवे के करीब 12 किलोमीटर हिस्से को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया, ताकि अभ्यास बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके। इस दौरान फाइटर जेट्स के साथ-साथ C-295 जैसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने भी हिस्सा लिया, जिसने लॉजिस्टिक और सैनिक तैनाती की क्षमता का प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का अभ्यास हुआ हो। इससे पहले भी उद्घाटन के समय और 2023 में वायुसेना ने यहां युद्धाभ्यास किया था, लेकिन इस बार का अभ्यास ज्यादा व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत माना जा रहा है। यह भारत की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर को रक्षा जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभ्यास न केवल सेना की तैयारियों को मजबूत करते हैं, बल्कि दुश्मन देशों को भी स्पष्ट संदेश देते हैं कि भारत हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। तेजस जैसे स्वदेशी फाइटर जेट और सुखोई जैसे अत्याधुनिक विमान इस बात का प्रतीक हैं कि भारतीय वायुसेना तकनीकी और सामरिक दोनों मोर्चों पर तेजी से मजबूत हो रही है।
कुल मिलाकर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ यह शक्ति प्रदर्शन सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती सैन्य ताकत, रणनीतिक सोच और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली का प्रतीक है, जो भविष्य के किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई देती है।



