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गोरखपुर में शेर की मूर्ति पर सियासत तेज

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और तंज का दौर तेज हो गया है। गोरखपुर में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की एक तस्वीर को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने तीखा हमला बोला है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब सीएम योगी अपने गोरखपुर दौरे के दौरान एक ईको पार्क में कचरे (वेस्ट मटेरियल) से बनी शेर की प्रतिमा के साथ तस्वीर खिंचवाते नजर आए, जिसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने ईको पार्क का निरीक्षण किया, जहां वेस्ट टू वंडर थीम पर बनी कलाकृतियों में एक शेर की मूर्ति ने खास ध्यान खींचा। सीएम ने उसी मूर्ति के साथ अलग-अलग अंदाज में तस्वीरें खिंचवाईं, जो बाद में चर्चा का विषय बन गईं।

इस तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर व्यंग्यात्मक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि “नकली शेर के साथ मुस्कान है, लेकिन अगर असली शेर देखेंगे तो धड़ाम हो जाएंगे।” इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर शेर बनाना ही था तो ठीक तरीके से बनाते और इसके लिए इटावा की लायन सफारी से सीख ले लेते, जो समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान बनाई गई थी।

अखिलेश यादव ने आगे यह भी कहा कि यह “कोरोना काल का शेर” लगता है, जिसके बाल असामान्य रूप से लंबे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और बीजेपी तथा सपा के बीच जुबानी जंग और तीखी हो गई है।

वहीं, इस पूरे घटनाक्रम में गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन की भी चर्चा रही, जिन्होंने मुख्यमंत्री की यह तस्वीर खींची थी और उन्हें अलग-अलग पोज देने के लिए कहा था। कार्यक्रम के दौरान माहौल हल्का-फुल्का रहा, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेता चला गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को देखते हुए इस तरह के बयान और आरोप-प्रत्यारोप आगे भी तेज हो सकते हैं। छोटी-छोटी घटनाएं भी अब बड़े राजनीतिक मुद्दों में तब्दील हो रही हैं, जिससे साफ है कि राज्य की राजनीति में प्रतिस्पर्धा और आक्रामकता लगातार बढ़ रही है।

कुल मिलाकर, गोरखपुर की एक साधारण तस्वीर अब सियासी बहस का बड़ा विषय बन गई है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

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