
पुणे में दिनदहाड़े गैंगवार: सैलून में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग
महाराष्ट्र के Pune शहर में एक बार फिर अपराधियों के हौसले बुलंद होते नजर आए, जब वारजे इलाके में दिनदहाड़े एक सैलून के अंदर घुसकर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस सनसनीखेज गैंगवार की पूरी घटना सैलून में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस हमले में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना वारजे के यशदीप चौक स्थित एक सैलून में हुई, जहां अचानक 5 से 6 हमलावर पहुंचे और वहां मौजूद युवकों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। फायरिंग के दौरान सैलून में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इस हमले में निहाल शिंदे और अमोल आढाव नाम के दो युवक घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावर दोपहिया वाहनों पर सवार होकर आए थे और सीधे सैलून में घुसकर हमला किया। शुरुआती जांच के अनुसार यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा है। बताया जा रहा है कि हमलावर और घायल दोनों ही आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं, जिससे यह मामला गैंगवार का रूप लेता नजर आ रहा है।
घटना के बाद पुलिस ने मौके से प्रीतम ठोंबरे और साहिल राउत नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से एक पिस्तौल भी बरामद की गई है। हालांकि, इस वारदात में शामिल चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर दी हैं। साथ ही, CCTV फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पुणे को अपेक्षाकृत शांत शहर माना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की फायरिंग से स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
कुल मिलाकर, पुणे का यह गैंगवार मामला न सिर्फ शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आपसी दुश्मनी किस तरह खुलेआम हिंसा का रूप ले सकती है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि फरार आरोपियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है और इस तरह की घटनाओं पर कैसे लगाम लगाई जाती है।



