
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कोलकाता के जोरासांको क्षेत्र में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC), कांग्रेस और वाम दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने वर्षों तक बंगाल को “लूटने” का काम किया और राज्य को विकास की राह से भटका दिया।
रैली के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और घुसपैठ जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में वर्तमान शासन के कारण अपराध और माफिया राज को बढ़ावा मिला है, जबकि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार ने सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था को बेहतर बनाया है। उन्होंने बंगाल की स्थिति की तुलना यूपी से करते हुए दावा किया कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में बदलाव आया, वैसा ही परिवर्तन बंगाल में भी संभव है।
योगी ने अपने भाषण में सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बंगाल की असली पहचान उसकी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है, न कि बाहरी प्रभावों से। इस दौरान उन्होंने स्थानीय राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति ने विकास को पीछे धकेल दिया है।
यह रैली ऐसे समय पर हुई है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। 2026 के विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें मुख्य मुकाबला भाजपा और TMC के बीच माना जा रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की रैलियां चुनावी माहौल को और ज्यादा धार दे रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और पहचान की राजनीति जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। वहीं TMC इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर राजनीतिक ध्रुवीकरण का आरोप लगा रही है।
कुल मिलाकर, जोरासांको की यह रैली सिर्फ एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि बंगाल की चुनावी जंग का अहम हिस्सा बन गई है, जहां आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता को लुभाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन बयानों का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।



