दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर ‘शीशमहल’ विवाद ने जोर पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal के नए सरकारी बंगले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा हमला बोला है। ताजा घटनाक्रम में BJP नेताओं, खासकर Parvesh Verma ने लोधी एस्टेट स्थित नए आवास को “शीशमहल-2” करार देते हुए इसे कथित तौर पर आलीशान और जनता के पैसे के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है।
दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा आवंटित लोधी एस्टेट के टाइप-VII बंगले में हाल ही में केजरीवाल के शिफ्ट होने के बाद विवाद शुरू हुआ। BJP का आरोप है कि AAP नेताओं ने सादगी और ईमानदारी की राजनीति का दावा किया था, लेकिन उनके नेताओं के सरकारी आवास बेहद भव्य और महंगे साबित हो रहे हैं। पार्टी ने इस नए बंगले की तस्वीरें और विवरण साझा करते हुए इसे पुराने ‘शीशमहल’ विवाद का विस्तार बताया है।
BJP नेता प्रवेश वर्मा ने तीखी टिप्पणी करते हुए केजरीवाल पर जनता के पैसे से विलासिता भरा जीवन जीने का आरोप लगाया और इस मुद्दे को जनता के सामने उठाने की बात कही। उन्होंने पहले भी केजरीवाल के आधिकारिक आवास को ‘शीशमहल’ कहकर निशाना बनाया था, जो 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री आवास से जुड़ा विवाद रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल आवास तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली की राजनीति में नैतिकता, पारदर्शिता और “आम आदमी” की छवि को लेकर चल रही लड़ाई का हिस्सा है। इससे पहले भी ‘शीशमहल’ मुद्दा दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान बड़ा चुनावी हथियार बना था, जिसमें BJP ने AAP पर भारी खर्च और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे।
वहीं AAP की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई और ध्यान भटकाने की कोशिश बताया जाता रहा है। पार्टी का कहना है कि BJP जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे आरोप लगाती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली की सियासत को फिर से गरमा दिया है और आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।



