
महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति में जारी तीखी बहस के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख Mayawati ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों दल महिलाओं के आरक्षण और पिछड़े वर्गों (OBC) के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं हैं, बल्कि सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। मायावती ने कांग्रेस पर “गिरगिट की तरह रंग बदलने” का आरोप लगाते हुए कहा कि उसका रुख समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहता है, जबकि सपा पर उन्होंने सत्ता में आने के बाद जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाया।
मायावती ने स्पष्ट तौर पर कहा कि महिला आरक्षण का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब इसमें SC, ST और OBC महिलाओं के लिए अलग से उप-कोटा (sub-quota) सुनिश्चित किया जाए। उनका मानना है कि बिना इस व्यवस्था के केवल सामान्य वर्ग की महिलाओं को ही अधिक फायदा मिलेगा और सामाजिक न्याय का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां आरक्षण के मुद्दे पर सिर्फ दिखावटी राजनीति कर रही हैं और वंचित वर्गों के अधिकारों को लेकर उनकी नीयत साफ नहीं है। मायावती ने SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समाज को सचेत करते हुए “भ्रामक और अवसरवादी राजनीति” से सावधान रहने की अपील की।
महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद और राजनीतिक गलियारों में इस समय व्यापक बहस चल रही है। जहां एक ओर कुछ दल 33% आरक्षण को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसके क्रियान्वयन और संरचना पर सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में सपा और कांग्रेस भी OBC महिलाओं के लिए अलग कोटा की मांग कर चुके हैं, जिससे यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है।
कुल मिलाकर, महिला आरक्षण का मुद्दा अब केवल महिलाओं की भागीदारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सामाजिक न्याय, जातीय संतुलन और राजनीतिक रणनीति जैसे कई बड़े पहलू जुड़ गए हैं। मायावती के ताजा बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है, जिससे आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीति और भी गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।



