
लुधियाना में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ED की छापेमारी
पंजाब के लुधियाना में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन से जुड़े अनियमितताओं के मामले में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, ED की टीम सुबह-सुबह केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मंत्री के आवास पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई।
सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी केवल आवास तक सीमित नहीं रही, बल्कि अरोड़ा से जुड़े अन्य व्यावसायिक परिसरों पर भी तलाशी ली गई। जांच एजेंसी को संदेह है कि कुछ कंपनियों और परियोजनाओं के जरिए जमीन के उपयोग में गड़बड़ी की गई और इससे अवैध रूप से आर्थिक लाभ कमाया गया। बताया जा रहा है कि यह मामला पहले से चल रही जांच से जुड़ा है, जिसे अब तेज कर दिया गया है।
खास बात यह रही कि छापेमारी के समय संजीव अरोड़ा अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे सुरक्षा बलों के वाहन पहुंचे और इसके बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया, जिससे किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
इस कार्रवाई के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं, क्योंकि हाल के दिनों में ED ने पंजाब में आम आदमी पार्टी से जुड़े अन्य नेताओं पर भी दबिश दी है। इससे पहले राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी हुई थी, जिसके बाद AAP ने इन कार्रवाइयों को “राजनीतिक बदले की भावना” से प्रेरित बताया था।
वहीं, विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से पंजाब की राजनीति में तनाव और बढ़ सकता है, खासकर तब जब आने वाले समय में चुनावी माहौल बनने वाला है।
कुल मिलाकर, संजीव अरोड़ा पर ED की यह छापेमारी सिर्फ एक जांच कार्रवाई नहीं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



